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कहां से आते हैं ये टिड्‌डी..? एक दिन में कितने किलोमीटर तक कर सकते हैं सफर

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नई दिल्ली. इन दिनों पश्चिमी भारत के लिए टिड्‌डी (locust outbreak) सिरदर्द बना हुआ है। इन टिडि्डयों का दल (Locust Swarms) इतना घातक है कि पूरी की पूरी फसल एक दिन में चट कर जाते हैं। टिडि्डयों का दल राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में घुस चुका है। 

रेगिस्तानी टिड्डे (locust) छोटे सींग वाले टिड्डे की दर्जनभर प्रजातियों में से एक है। इनकी खासियत ये है कि वे अपने व्यवहार को बदल सकते हैं मसलन पल में शांत हो जाना या फिर भयानक हो जाना। इनका झुंड फसलों के लिए इतना घातक है कि एक सात एकत्र होकर अपने लिए चारा ढूंढ लेता है और कुछ ही देर में फसल पूरी तरह बर्बाद कर देते हैं।

कहां से आती है टिड्डियां..?

यह टिड्डियां (locust) अफ्रीका में पैदा होती है। बारिश के दिनों में इसके प्रजनन में तेजी आ जाती है। विशेषज्ञों के मुताबिक अमूमन भारत प्रवेश करने वाले टिडि्डयों का दल बलूचिस्तान, ईरान और पाकिस्तान से होकर आते हैं।  

locust outbreak प्रभावित इलाके

इस समय locust outbreak की घटनाएं राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों तक बढ़ गई हैं। वे वहां से दूसरे राज्यों में फैलने से पहले पाकिस्तान से पंजाब के फाजिल्का चली गई। टिड्डियों से सबसे ज्यादा प्रभावित जिले बाड़मेर, जैसलमेर और नागौर हैं।

150 किलोमीटर की दूरी तय कर सकते हैं टिड्‌डी

टिडि्डयों का ये दल एक दिन में 150 किमी तक उड़ सकते हैं, लिहाजा उन्हें नियंत्रित करना परेशानी भरा कार्य हो जाता है। टिडि्डयों के इस दल (Locust Swarms) एक बड़े इलाके को कवर कर सकते हैं। जो कभी-कभी काफी दूर भी हो सकते हैं। हालांकि पारंपरिक रसायनों का उपयोग उनकी संख्या को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। 

खाद्य सुरक्षा के लिए सबसे बड़ी चुनौती

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने हाल ही में कहा था कि पाकिस्तान से टिड्डियां दल (Locust Swarms) देश के राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश में प्रवेश कर गए हैं। इन दलों ने कपास की फसल व सब्जियों को भारी नुकसान पहुंचाया है। सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों के तौर पर राजस्थान को बताया जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र (United Nations) की खाद्य एवं कृषि एजेंसी (Food and Agriculture Agency) के एक आला अधिकारी ने अगाह किया है कि आजीविका और खाद्य सुरक्षा (Livelihood and food security) के लिए खतरा पैदा कर रहे रेगिस्तानी टिड्डियों का दल अगले महीने पूर्वी अफ्रीका से भारत और पाकिस्तान की ओर बढ़ सकते हैं। साथ ही उनके सात अन्य कीड़ों के झुंड भी आ सकते है।
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