Hamar Dhamtari

आत्म समर्पित नक्सलियों व पीड़ित परिवारों को पुनर्वास योजना का लाभ नहीं, प्रदेश सरकार की नीयत और नीति पर सवाल : भाजपा

No image
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने नक्सल पीड़ित परिवारों व आत्म समर्पित नक्सलियों को शासन की योजनाओं का लाभ नहीं मिलने पर प्रदेश सरकार की नीयत और नीति पर सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा है कि नक्सलवाद के ख़िलाफ़ प्रदेश सरकार डींगें तो ख़ूब बड़ी-बड़ी हाँकती है, पर नक्सलवाद के उन्मूलन के लिए वह ज़रा भी ईमानदार नज़र नहीं आ रही है। डॉ. सिंह ने कहा कि सन 2004 में बनी नक्सल पीड़ित पुनर्वास कार्ययोजना के तहत घोषित सुविधाओं से वंचित लगभग 500 परिवारों का राजधानी आकर गुहार लगाना प्रदेश सरकार के ढोल की पोल खोलने के लिए पर्याप्त है।
भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि 2004 में भाजपा की प्रदेश सरकार के कार्यकाल में बनाई गई इस कार्ययोजना में पीड़ित परिवारों के लिए शासकीय नौकरी, केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा आर्थिक सहायता, शहरी क्षेत्र में नि:शुल्क आवास, परिवार के दो बच्चों के लिए कक्षा 1 से 12 तक छात्रवृत्ति, एक रुपए में राशन कार्ड, बस यात्रा भाड़ा में 50 फीसदी की रियायत, ज़मीन के बदले ज़मीन, स्वरोज़गार के लिए आवासीय परिसर में नि:शुल्क दुकान और इसके लिए केंद्र व राज्य सरकारों से अनुदान देने के अलावा और भी कई प्रावधान किए गए थे। लेकिन मौज़ूदा प्रदेश सरकार नक्सल पीड़ित और आत्म समर्पित नक्सलियों को ये सुविधाएँ देने में बदनीयती का परिचय दे रही है। 
डॉ. सिंह ने कहा कि राजनांदगाँव ज़िले के 40 नक्सल पीड़ित परिवारों ने उच्च न्यायालय में सन 2019 में याचिका दाख़िल की थी, जिस पर हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव (गृह), पुलिस महानिदेशक, कलेक्टर, एसपी, सहा. आयुक्त ट्राइबल विभाग को पीड़ित परिवारों को शासन द्वारा घोषित सभी सुविधाएँ मुहैया कराने का आदेश दिया था। लेकिन उच्च न्यायालय के आदेश के बावज़ूद राजनांगाँव ज़िला प्रशासन ने कुछेक खानापूर्ति करने के अलावा अब तक कोई सार्थक पहल इस दिशा में नहीं की है।
भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि रविवार को कांकेर, कोण्डागांव, नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा से राजधानी पहुँचे 500 से ज़्यादा नक्सल पीड़ित परिवारों ने शासन की योजनाओं का लाभ न मिलने का आरोप लगाया और कहा कि उन्होंने शासन की योजनाओं से आकर्षित होकर समर्पण किया था और समाज की मुख्य धारा से जुड़े थे। उस दौरान बोला गया था कि परिवार के लोगों को शासन की पुनर्वास योजना का लाभ मिलेगा। लेकिन उन्हें योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। कुछ ग्रामीण सरकार के लिए मुखबिरी करते थे, जिन्हें नक्सलियों द्वारा पहचान लिया गया। अब उन्हें नौकरी से नहीं निकालने की मांग भी इन पीड़ित परिवारों ने की है। डॉ. सिंह ने कहा कि पुनर्वास योजना का लाभ देने की मांग लेकर राजधानी पहुँचे इन पीड़ित परिवारों ने प्रदेश के गृह मंत्री से मुलाक़ात करने की कोशिश की, पर सफल नहीं हुए। बाद में प्रेस को जारी अपने पत्र में आत्मसमर्पित नक्सलियों ने पुनर्वास योजना के लाभ की मांग पर ज़ोर दिया है। इन परिवारों का आरोप है कि उन्हें अनुकंपा नियुक्ति नहीं मिल रही है। जिन परिवार के लोग नक्सल हिंसा में मारे गए हैं, वे चाहते हैं कि उन्हें पुनर्वास नीति के तहत सुविधाओं का लाभ दिया जाए और मुखबिर चाहते हैं कि उन्हें नौकरी से न निकाला जाए।

hamar-dhamtari-whatsapp-logoShare

Comments on News

इन्हें भी देखे

dhamtari news कांग्रेसी कानून के रखवालों को पिट रहे हैं, क्या यही हैं न्याय?- अमित साहू
dhamtari news बजट केवल छत्तीसगढ़ सरकार की हवा हवाई बातों का किला दिखता है : मूणत
dhamtari news बजट प्रदेश के युवाओं, किसानों, महिलाओं, व्यापारियों एवं कर्मचारियों के साथ छलावा:- राजेश पाण्डेय
dhamtari news युवाओं, किसानों, महिलाओं, व्यापारियों और अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लिए कोई ठोस नीति नहीं- रामविचार नेताम
dhamtari news रास्तों के उखड़ने का डर उन्हें कैसे होगा जो आंख मूंदें चल रहे हैं : भाजपा
dhamtari news अपनी नाकामियों का दोष बार-बार केंद्र को देकर अपनी जिम्मेदारियों से बच नहीं सकते हैं भूपेश : डॉ. रमन
dhamtari news शराबबंदी के बजाय शराब से 600 रु अधिक कमाई की योजना बना अपनी मंशा जाहिर कर दी कांग्रेस सरकार ने - शालिनी राजपूत
dhamtari news बजट को सपनों की सौदागरी, छलावों का दस्तावेज पेश करके प्रदेश सरकार जिम्मेदारियों से पलायन कर रही : भाजपा
dhamtari news अवैध कारोबारियों से अधिकारी ही सुरक्षित नहीं, तो नागरिक सुरक्षा और बेहतर क़ानून-व्यवस्था के दावे क्यों : साय
dhamtari news आम जनता को केन्द्र सरकार दे रही महंगाई की लगातार डोज : मोहम्मद असलम

Follow Us

विडियो

Email : hamardhamtari@gmail.com