अटंग के लोगों ने किया कुरूद थाना का घेराव, जमकर प्रदर्शन, पढ़िए पूरा खबर

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कुरुद। ग्राम अटंग के लोगों ने आज कुरूद थाना का घेराव किया। दरअसल चरवाहे के ऊपर रंजिश के चलते जानलेवा हमला के मामले में ग्राम अटंग के ग्रामीणों ने कुरूद थाना का घेराव कर दिया और जबरदस्त प्रदर्शन किया । ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन हाय-हाय पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए, और शक के आधार पर आरोपियों की पहचान कर कार्यवाही करने की बात कही।
क्या था मामला_
ग्राम पंचायत अटंग में विश्राम पटेल पिता स्व. नरेश पटेल उम्र 55 वर्ष के ऊपर अज्ञात व्यक्तियों के द्वारा जानलेवा हमला किया गया था। जिसमे वह बाल बाल बच गया। 25 नवंबर शुक्रवार को सुबह 11 से 12 बजे के मध्य में प्रति दिन की भांति अपने बकरियों को चराने के लिए अटंग एवं भाठागांव के बीच गए हुए थे। उसी समय बाइक में सवार 3 अज्ञात व्यक्ति आएं और डंडे, खूंटे से विश्राम के ऊपर ताबड़तोड़ प्राणघातक हमला कर दिया गया। तत्पश्चात उसको मृत समझकर वहां से फरार हो गए। जिसे कुछ दूर खेत में बकरी चरा रहे खिलेंद्र यादव पिता रोशन यादव उम्र 23 वर्ष ने चिल्लाने की आवाज सुना तब उसके पास पहुंच कर देखा तो वह खून से लथपथ पड़ा हुआ था। जिसके बाद खिलेंद्र ने अपने परिजन सहित ग्राम के सरपंच प्रतिनिधि रोशन चंद्राकर को फोन के माध्यम से सूचित किया। तुरंत घटनास्थल पर सरपंच और ग्रामीण पहुंचे। उसके बाद स्थिति को देखते हुए एम्बुलेंस को बुलाया गया और कुरूद सिविल अस्पताल में भर्ती किया जहां उसकी हालत को काफी गंभीर देखते हुए आनन फानन में धमतरी के श्रीराम अस्पताल में भर्ती किया गया।

वर्तमान में उसकी इलाज जारी है। विश्राम पटेल के पुत्र शालिक पटेल का कहना है कि उनका जमीनी विवाद पिछले 2 साल से ग्राम के लोकेश्वर तारक पिता दीनदयाल तारक उम्र 38 वर्ष के साथ चल रहा है। जिसके चलते 6 महीने पहले भी 3 बार जानलेवा हमला हो चुका है उस समय भी थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाया गया था, लेकिन अभी तक कुरूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। जिसके चलते बदमाशों का हौसला बुलंद हो गया है और उसके साथ जमीनी विवाद के चलते न्यायालय में पेशी चल रहा है। गुरुवार को पेशी से आने के बाद शुक्रवार को सुबह ही यह घटना घटित हुई है। जिसकी जानकारी पुलिस थाना कुरूद को दिया गया लेकिन घटना होने के 3 दिन होने पर भी कोई थानेदार या पुलिस वहां पर नहीं पहुंची है। जबकि इसका रिपोर्ट ललित पटेल सहित परिजनों द्वारा घटना के दिन ही कुरूद थाने को सूचित कर दिया गया था। लेकिन पुलिस 27 तारीख की 12 बजे तक नहीं पहुंचा था। जिसमे परिजनों को कुरूद थाने के ऊपर संदेह उत्पन्न हो गया। जिसके कारण उसको लगातार थाने का चक्कर लगाना पड़ा। ग्रामीणों को सरपंच प्रतिनिधि रोशन चंद्राकर के ऊपर भी संदेह उत्पन्न हो गया। तब रोशन चंद्राकर ने परिजनों एवम ग्रामीणों के साथ मामले को गंभीरता से लेते हुए सुलझाने के लिए कुरूद थाना गए। उनके कहने पर भी 26 तारीख को पुलिस नही आएं। तत्पश्चात 27 नवंबर को थाना प्रभारी प्रणाली वैद्य को पुनः सूचित किया गया। तब पत्रकारों के पूछने पर बताया गया कि मैं अन्य मामले में व्यस्त था जिसके चलते वहां उनकी टीम 25 और 26 को नहीं पहुंच पाई। रविवार को घटनाथल में जाने और निरीक्षण करने साथ ही आरोपी को तत्काल पकड़ने की बात उनके द्वारा की गई। शालिक राम पटेल और ग्रामवासियों का कहना है कि जिस अपराधियों ने घटना को अंजाम दिया है वह घटना के पहले गांव और मोहल्ले में घुमा है। अगर गांव में लगे सीसीटीवी कैमरे में फुटेज देखा जाए तो आरोपियों की पकड़े जाने की संभावना है। लेकिन कुरूद पुलिस को पंचायत के सीसीटीवी कैमरे के फुटेज देखने की भी फुर्सत नही मिल रहा है। परिजनों सहित ग्रामीणों ने तत्काल कार्रवाई कर आरोपियों को धर दबोचने की मांग की है। परिजनों का कहना है कि इस घटना को अंजाम देने वाला केवल लोकेश्वर तारक ही है। क्योंकि वह बार बार परिजनों को धमकी दे रहा था और कुरूद थाना अभी तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं किया है। जिसके चलते अभी अपराधी फरार है अगर घटना के वक्त पुलिस ने अपनी जिम्मेदारी सही ढंग से निभाई होती तो आरोपी तत्काल ही पकड़ में आ सकता था। उसके बातें सरपंच सहित परिजनों का कहना था। सरपंच प्रतिनिधि रोशन चंद्राकर और हेमंत साहू जिला उपाध्यक्ष कांग्रेस ने पूरी तरह से कुरूद पुलिस की लापरवाही बताई है। जिससे कारण आरोपी खुला घूम रहे हैं।

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