महासमुंद @ मनीष सरवैया । महासमुंद जिला कार्यालय से 20 किलो मीटर दूर ग्राम मालीडीह के आश्रित ग्राम पिरदा के गरीब मजदूर परिवारों को वर्षों बीत जाने के बाद भी प्रशासनिक उदासीनता के चलते अब तक नहीं मिला वन अधिकार पट्टा। कलेक्टर और वन विभाग के दफ्तरों के चक्कर लगाते घीस गए चप्पलें फिर भी नहीं मिला पट्टा। आक्रोशित ग्रामीण नहीं मिला पट्टा तो अब होगा आंदोलन।
विओ_हम आपको बता दें कि महासमुंद विकास खंड का एक ऐसा ग्राम पिरदा जहां के निवासी सौ साल के लगभग वन भूमि पर काबिज हैं। शासन के नियमा अनुसार 2002 के पहले वन भूमि पर काबिज ग्रामीणों को वन अधिकार पट्टा देने का नियम है लेकिन पिरदा गांव के 12 परिवारों के साथ शासन प्रशासन की अनदेखी का शिकार हो रहे है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भरी आक्रोश देखा जा रहा है। ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा कर पट्टे की मांग करते हुए कहा है कि अब अगर उन्हें पट्टा नहीं मिला तो पिरदा के 12 परिवार शासन प्रशासन के खिलाफ आंदोलन करने को बाध्य होंगे।



