ई-ऑफिस में धमतरी की उल्लेखनीय प्रगति : कलेक्टर के नेतृत्व में डिजिटल प्रशासन की सशक्त पहल

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धमतरी…. डिजिटल इंडिया की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में शासन द्वारा लागू ई-ऑफिस प्रणाली आज प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, गति और जवाबदेही का प्रभावी माध्यम बन चुकी है। छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न जिलों में ई-ऑफिस के माध्यम से शासकीय कार्यों का सफल संचालन हो रहा है और इसी क्रम में धमतरी जिला भी उल्लेखनीय प्रगति के साथ डिजिटल प्रशासन की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

19 जनवरी 2026 की स्थिति के अनुसार, कार्यालयों के माध्यम से किए गए कार्यों की जिलेवार समीक्षा में धमतरी जिला 4,479 प्रकरणों के साथ एक सशक्त उपस्थिति दर्ज करता है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि जिले के विभिन्न विभागों में ई-ऑफिस प्रणाली को न केवल अपनाया गया है, बल्कि उसका नियमित और प्रभावी उपयोग भी हो रहा है। ई-ऑफिस के माध्यम से फाइलों का ऑनलाइन संधारण, नोटशीट, अनुमोदन एवं पत्राचार ने परंपरागत कागजी कार्यप्रणाली को काफी हद तक प्रतिस्थापित किया है।

धमतरी जिले में राजस्व, शिक्षा, पंचायत, महिला एवं बाल विकास, कृषि, स्वास्थ्य, वन, आदिवासी कल्याण, लोक निर्माण, नगरीय प्रशासन, सहकारिता, श्रम, पुलिस, निर्वाचन सहित अनेक विभागों द्वारा ई-ऑफिस का उपयोग किया जा रहा है। इससे विभागों के बीच समन्वय बेहतर हुआ है और फाइलों के अनावश्यक विलंब में कमी आई है। अब निर्णय प्रक्रिया अधिक त्वरित, पारदर्शी और ट्रैक करने योग्य हो गई है।

ई-ऑफिस प्रणाली से जहां एक ओर समय और संसाधनों की बचत हो रही है, वहीं दूसरी ओर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी यह एक सकारात्मक पहल है, क्योंकि कागज के उपयोग में उल्लेखनीय कमी आई है। अधिकारी एवं कर्मचारी किसी भी समय, कहीं से भी फाइलों का अवलोकन और निराकरण कर पा रहे हैं, जिससे कार्यदक्षता में वृद्धि हुई है।

इस उपलब्धि के पीछे कलेक्टर अबिनाश मिश्रा का दूरदर्शी नेतृत्व, सतत मार्गदर्शन और सकारात्मक प्रशासनिक दृष्टिकोण प्रमुख रूप से परिलक्षित होता है। कलेक्टर मिश्रा द्वारा ई-ऑफिस को केवल एक तकनीकी व्यवस्था न मानते हुए, उसे प्रशासनिक सुधार का सशक्त औजार के रूप में स्थापित किया गया है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अधिकतम शासकीय कार्य ई-ऑफिस प्लेटफॉर्म के माध्यम से ही किए जाएं, ताकि निर्णय प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और ट्रैक योग्य बन सके।
कलेक्टर समय-समय पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रोत्साहित करते हुए यह कहते रहे हैं कि “डिजिटल प्लेटफॉर्म केवल सुविधा नहीं, बल्कि आज की आवश्यकता है। ई-ऑफिस से न केवल कार्यों की गति बढ़ती है, बल्कि जवाबदेही और पारदर्शिता भी सुनिश्चित होती है। अधिकारी-कर्मचारी इसे अवसर के रूप में लें और प्रशासन को अधिक सक्षम बनाएं।” उनके इस सकारात्मक संदेश का असर यह रहा कि जिले के विभिन्न विभागों—राजस्व, शिक्षा, पंचायत, कृषि, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, वन, आदिवासी कल्याण, नगरीय प्रशासन, लोक निर्माण सहित अन्य कार्यालयों में ई-ऑफिस का उपयोग लगातार बढ़ा है।
कलेक्टर  अबिनाश मिश्रा द्वारा नियमित समीक्षा, प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग पर विशेष जोर दिया गया है। ई-ऑफिस में दक्षता बढ़ाने हेतु कर्मचारियों की शंकाओं का समाधान, नवप्रवेशी कर्मियों को हैंडहोल्डिंग सपोर्ट तथा अच्छे कार्य करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों की सराहना कर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इससे कार्यस्थलों पर डिजिटल कार्यसंस्कृति को मजबूती मिली है।
ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से धमतरी जिले में जहां एक ओर फाइलों के लंबित रहने की समस्या में कमी आई है, वहीं दूसरी ओर कागज के उपयोग में कमी से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी सार्थक योगदान हो रहा है। अधिकारी अब कहीं से भी फाइलों का परीक्षण एवं निराकरण कर पा रहे हैं, जिससे समय और संसाधनों की बचत हो रही है।
कुल मिलाकर, ई-ऑफिस की प्रगति के आंकड़े यह स्पष्ट करते हैं कि धमतरी जिला डिजिटल सुशासन की दिशा में तेजी से अग्रसर है। आने वाले समय में ई-ऑफिस का व्यापक और गहन उपयोग न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाओं को और अधिक सशक्त बनाएगा, बल्कि आम नागरिकों को भी समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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