01 जनवरी 2026 को श्री शेखावत ने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल के साथ सिरपुर का दौरा किया। उन्होने लक्ष्मण देवालय, आनंद प्रभु कुटी विहार, तीवरदेव विहार, सुरंग टीला और हाट बाजार का निरीक्षण कर निर्देश दिए कि मूल संरचना सुरक्षित रखें और कनेक्टिविटी बढ़ाएं। श्री शेखावत ने कहा कि सिरपुर को यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल करने का प्रयास जारी है। उन्होने आगे कहा कि सिरपुर एक ऐतिहासिक नगर है, जो कभी इस प्रदेश की राजधानी हुआ करती थी, सिरपुर में आकर यहां की पुरासंपदा को देखना, एक हजार साल की यहां की विकास यात्रा को देखना समझना और इस गौरवशाली अतीत को अनुभव करना निश्चित रूप से मन मे, शरीर में एक स्पंदन पैदा करता है। यह अत्यंत सौभाग्य का विषय है कि इन सब का दर्शन करने का, अपने पुरखों के इतिहास और उनके गौरव को देखने और समझने का अवसर मिला है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण का यह स्थान देश में स्थित 140 केन्द्रीय रूप से संरक्षित स्मारकों में से एक है, जिसके संरक्षण के लिए यहां के पुरासंपदा का रखरखाव हो सके इसके लिए भारत सरकार व राज्य सरकार मिलकर काम कर रहे हैं। इस क्षेत्र की और इस जगह की जितनी महत्ता है, उसके अनुरूप अभी यहां पर्यटन विकास की बहुत अधिक संभावनाएं हैं।
मैं पर्यटन मंत्री होने के नाते कह सकता हंू कि इस जगह को यदि ठीक से कनेक्टिविटी दी जाए और ठीक से यहां पर्यटन की मूलभूत सुविधाएं का विकास किया जाए तो निश्चित रूप से आने वाले समय में छत्तीसगढ़ पर्यटन की दृष्टि से एक नया स्वरूप प्राप्त करेगा। छत्तीसगढ़ की पहचान एक समृद्ध, ऐतिहासिक विरासत, प्राकृतिक संपदा वाले प्रदेश के रूप में बन रही है। आने वाले समय में छत्तीसगढ़ पर्यटन गतिविधियों का केन्द्र बने इस दृष्टिकोण से सिरपुर बहुत महत्वपूर्ण है। केन्द्रीय पर्यटन मंत्री का यह दौरा राज्य सरकार की रिपोर्ट को मजबूत करता है, क्योंकि सिरपुर 140 संरक्षित स्मारकों में शुमार है।




