दलहन- तिलहन फसलों की तरफ बढ़ रहा कृषकों का रुझान

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धमतरी…. कलेक्टर  अबिनाश मिश्रा की पहल , जिला प्रशासन और कृषि विभाग के प्रयासों से धमतरी जिले में फसल चक्र परिवर्तन, गिरते भू जल स्तर को संरक्षित करने में लगातार कार्य हो रहा है। इसी कड़ी में कुरूद विकासखंड के ग्राम बगौद में विगत वर्ष कि तुलना में इस वर्ष रबी फसल में दलहन तिलहन फसलों की खेती में उल्लेखनीय वृद्धि हुई हैं । यह वृद्धि किसानों की बढ़ती रुचि और सरकारी योजनाओं का परिणाम हैं।

दलहन फसल में मुख्यतः चना फसल में लगभग 52% रकबे में वृध्दि हुई हैं । किसानों के अंदर ग्रीष्म कालीन धान से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूकता आई हैं जिसका परिणाम यह देखने को मिला है विगत वर्ष कि तुलना में ग्रीष्म कालीन धान की खेती में लगभग 38% गिरावट हुई चूंकि ज्ञात हो कि ग्रीष्मकालीन धान की खेती से पानी (भूजल स्तर में गिरावट) का अत्यधिक दोहन, मिट्टी की उर्वरता में कमी, कीट-रोगों का बढ़ना, और फसल चक्र का टूटना जैसे बड़े नुकसान होते हैं, जिससे किसानों की लागत बढ़ती है और आर्थिक व पर्यावरणीय समस्याएं पैदा होती हैं।

फसल चक्र परिवर्तन किसानों को एक नई दिशा प्रदान करेगी जिससे न केवल उत्पादन बढ़ेगा बल्कि किसान आर्थिक रूप से मजबूत होंगे। प्रशासन ने किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए

प्रधानमंत्री अन्नदाता खाद्य संरक्षण अभियान (PM AASHA) प्राइस सपोर्ट स्कीम PSS के तहत चना, उड़द,मूंग,सरसों आदि फसलों की खरीदी न्युनतम समर्थन मूल्य पर की जाएगी जिसके लिए किसानों को एकीकृत किसान पोर्टल में अपने बोई गई फसल का पंजीयन संबंधित सहकारी समिति में करवाना होगा। कुरूद विकास खंड में खरीदी हेतु 3 उपार्जन केंद्र कुरूद,भखारा और कातलबोड बनाए गए हैं जहां किसान आसानी से अपने फसलों को विक्रय कर सही दाम पा सकेंगे।

कृषि विभाग की ओर से राष्ट्रीय खाद्य एवं पोषण सुरक्षा मिशन बीज ग्राम योजना अंतर्गत किसानों को चना गेहूं का बीज भी उपलब्ध कराया गया जो किसानों के लिए प्रोत्साहन का मार्ग बना। प्राकृतिक क्षति से बचने के लिए किसानों को अधिसूचित फसलों की फसल बीमा करवाने के लिए भी मुनियादी व शिविर के माध्यम से प्रचार प्रसार किया जा रहा। किसानों को अतिरिक्त लाभ मिले इसके लिए बीज उत्पादन कार्यक्रम में शामिल होने की भी सलाह दी जा रही हैं।

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