Dhamtari: जेंडर सभा में महिलाओं को अधिकारों एवं लैंगिक समानता के प्रति किया जागरूक

नुक्कड़ नाटक, वाद-विवाद, खेल एवं रंगोली के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध दिया सशक्त संदेश

धमतरी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत विकास महिला क्लस्टर कोर्रा-हंचलपुर में विगत दिवस जेंडर सभा (जेंडर संवाद) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को लैंगिक भेदभाव, सामाजिक रूढ़ियों, घरेलू एवं लैंगिक हिंसा, बाल विवाह, भ्रूण हत्या, पोषण तथा महिलाओं के हक-अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने, निर्णय प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनने के लिए प्रेरित करना रहा। जेंडर सभा के साथ विकास महिला क्लस्टर की वार्षिक आम सभा का भी आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में सीएलएफ की आय-व्यय एवं जीआरसी में दर्ज प्रकरणों की जानकारी लेखापाल द्वारा प्रस्तुत की गई। महिलाओं को सामुदायिक संस्थाओं एवं स्व-सहायता समूहों के संचालन में पारदर्शिता, जवाबदेही और सक्रिय सहभागिता के महत्व से अवगत कराया गया। वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं की जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी से ही परिवार और समाज में सकारात्मक एवं स्थायी बदलाव लाया जा सकता है।

गतिविधियों के माध्यम से दिया लैंगिक समानता का संदेश

जेंडर सभा में बिहान की महिलाओं एवं जीआरसी सदस्यों द्वारा जागरूकता आधारित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। रूढ़िवादी परंपराओं के कारण विधवा महिलाओं को अपशगुन मानने जैसी सामाजिक कुरीतियों पर आधारित नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। नाटक के माध्यम से भेदभावपूर्ण सोच को समाप्त करने तथा विधवा महिलाओं के प्रति सम्मानजनक एवं समान व्यवहार का संदेश दिया गया। इसी विषय पर पक्ष-विपक्ष के माध्यम से वाद-विवाद प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें प्रतिभागियों ने सामाजिक कुरीतियों के कारणों और उनके समाधान पर अपने विचार व्यक्त किए।

महिला एवं पुरुषों के बीच घरेलू एवं सामाजिक कार्यों के असमान बंटवारे को समझाने के लिए 24 घंटे के समय को आधार बनाकर खेल गतिविधि आयोजित की गई। गतिविधि के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि घर-परिवार की जिम्मेदारियां केवल महिलाओं की नहीं, बल्कि महिला और पुरुष दोनों की समान जिम्मेदारी हैं। वहीं लैंगिक आधारित हिंसा के विभिन्न रूपों, उसके प्रभाव और बचाव के उपायों को समझाने के लिए सांप-सीढ़ी खेल के माध्यम से प्रतिभागियों को रोचक एवं सहभागी तरीके से जानकारी दी गई।

रंगोली प्रतियोगिता में भ्रूण हत्या, बाल विवाह, पोषण और लैंगिक समानता जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक विषयों को रचनात्मक रूप से प्रदर्शित किया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं एवं ग्रामीणों को सामाजिक सोच में सकारात्मक बदलाव लाने, हिंसा एवं भेदभाव के विरुद्ध आवाज उठाने और अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया गया।

अधिकारों की समझ और आत्मनिर्भरता पर दिया जोर

जेंडर सभा में महिलाओं को विशेष रूप से घरेलू हिंसा एवं भेदभाव को पहचानने, अपने संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों को समझने, आवश्यकता पड़ने पर उचित मंच पर अपनी बात रखने तथा स्वयं की पहचान स्थापित करने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही आर्थिक आत्मनिर्भरता को महिला सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए स्व-सहायता समूहों एवं आजीविका गतिविधियों से जुड़कर आर्थिक रूप से मजबूत बनने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष  गीतेश्वरी साहू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। सरपंच  खिलेश्वरी ध्रुव सहित कलेक्टर अबिनाश मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  जयंत नाहटा, जिला पंचायत एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी  महेश मरकाम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कोर्रा संकुल की शिक्षिका, नर्स, जनपद ईसीओ, बीपीएम  सविता यादव,  रागिनी मिश्रा सहित विभिन्न प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।

विकास महिला क्लस्टर की पदाधिकारी डोमेश्वरी नेताम, थानेश्वरी साहू, भुवनेश्वरी साहू, गुंजा साहू, लेखापाल योगेश्वरी, ऑपरेटर जया यादव, सीएलएफ सहायिका कुमारी, जीआरसी सदस्य उर्वशी एवं दीपा ध्रुव, जीएमटी हेमलता साहू, चंद्रिका साहू, पूर्णिमा पाटिल, कौशल्या मानिकपुरी, एफएलसीआरपी, बैंक मित्र, सक्रिय महिला, पशु सखी, कृषि मित्र, वीओ सहायिका, एफएनएचडब्ल्यू, आरबीके सहित ग्रामीण क्षेत्रों से आए सदस्यों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग किया। सीपीआर, एडीओ, आईएफसी एंकर एवं सीआरपी दीदियों के सहयोग से आयोजित जेंडर सभा ने महिलाओं में अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा समुदाय में लैंगिक समानता और सामाजिक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में अपनी सार्थक भूमिका निभाई।

Hamar Dhamtari
Author: Hamar Dhamtari

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