Dhamtari : मरीज को खाट पर बैठाकर ग्रामीणों ने कराया उफनता नाला पार

धमतरी। मूसलाधार बारिश के बीच तबीयत खराब होती जा रही थी, उफनते नाले के किनारे बसे गांव में एक मरीज की जान पर बन आयी थी, लेकिन पास ना तो सुविधा थी और ना ही कोई सहायता। ऐसे में लोगों को मरीज की जान बचाने के लिए जान की बाजी लगानी पड़ गयी।

तस्वीर में साफ नजर आ रहा है कि जहां मरीज को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचना चाहिए, वहां ग्रामीणों को उसे खाट पर बैठाकर उफनता नाला पार कराना पड़ा। वजह सिर्फ इतनी है कि ग्राम पंचायत लटियारा के आश्रित ग्राम चर्रा कच्छारपारा को जोड़ने वाले डुमर नाला पर आज तक पुलिया नहीं बन सकी।

दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण डुमर नाला उफान पर है। इसी दौरान चर्रा निवासी गोपेश कुमार पटेल की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उल्टी-दस्त के बाद उनकी हालत गंभीर हो गई, लेकिन नाले में तेज बहाव के कारण रात में उन्हें अस्पताल ले जाना संभव नहीं था। लिहाजा मरीज को रातभर गांव में ही रोकना पड़ा।

बताया गया कि चर्रा निवासी गोपेश कुमार पटेल की तबीयत शुक्रवार से अचानक खराब थी। उन्हें उल्टी-दस्त की शिकायत थी और धीरे-धीरे उनकी हालत गंभीर होती गई। लेकिन लगातार दो दिनों से हो रही बारिश के कारण डुमर नाला उफान पर था। तेज बहाव की वजह से रात में मरीज को गांव से बाहर अस्पताल ले जाना संभव नहीं हो सका।ऐसे में परिजनों और ग्रामीणों को रातभर पानी कम होने का इंतजार करना पड़ा। सुबह नाले का बहाव कुछ कम हुआ तो ग्रामीणों ने किसी तरह मरीज को अस्पताल पहुंचाने की तैयारी की।

अस्पताल तक पहुंचने के लिए कोई सुरक्षित रास्ता नहीं था। ऐसे में ग्रामीणों ने चारपाई को ही स्ट्रेचर बना दिया। ग्राम पंचायत लटियारा के सरपंच रुपेश कुमार ध्रुव के साथ ग्रामीण दीपक मंडावी, चंदर लाल पटेल, लछमन ध्रुव, राजेंद्र मरकाम, यशवंत मरकाम और बीरबल नेताम मरीज को खाट पर बैठाकर डुमर नाले तक पहुंचे।इसके बाद तेज बहाव के बीच ग्रामीणों ने सावधानी से नाला पार कराया। दूसरी तरफ पहुंचने के बाद गोपेश पटेल को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज कराया गया।

Hamar Dhamtari
Author: Hamar Dhamtari

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