धमतरी। जिला पंचायत धमतरी में सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितता का एक गंभीर मामला सामने आया है। वित्तीय समावेशन का कार्य देख रहे एक संविदा कर्मचारी पर आरसेटी (RSETI) के प्रशिक्षण बिलों का दोहरा भुगतान कराने की कोशिश का आरोप लगा है। हालांकि लेखा शाखा की सतर्कता के चलते संदिग्ध फाइल समय रहते पकड़ में आ गई और संभावित रूप से लाखों रुपये के भुगतान पर रोक लगा दी गई।
जानकारी के अनुसार, आरसेटी में आयोजित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों का खर्च संबंधित संस्थान द्वारा वहन किया जाता है। इसके लिए आवश्यक बजट की मांग सीधे केंद्र अथवा राज्य सरकार से की जाती है और स्वीकृत राशि भी वहीं से प्राप्त होती है। आरोप है कि इस स्थापित प्रक्रिया के बावजूद संविदा कर्मचारी ने उन्हीं प्रशिक्षण कार्यक्रमों से संबंधित बिलों की अलग फाइल तैयार कर जिला पंचायत से भी भुगतान कराने की योजना बनाई। यदि यह प्रयास सफल हो जाता तो एक ही मद के लिए दो अलग-अलग स्रोतों से राशि आहरित की जा सकती थी।
लेखाधिकारी की सतर्कता से रुका भुगतान
मामले का खुलासा उस समय हुआ जब जिला पंचायत की लेखा शाखा में फाइलों की नियमित जांच की जा रही थी। स्क्रूटनी के दौरान बिलों से संबंधित दस्तावेज संदिग्ध पाए गए। लेखाधिकारी ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल भुगतान प्रक्रिया पर रोक लगा दी। इस कार्रवाई के बाद संभावित वित्तीय नुकसान टल गया








