रायपुर…. छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड (वन विभाग) द्वारा धमतरी जिले के ग्राम राउतमुड़ा में सजीव वच विदोहन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में धमतरी तथा आदिवासी अंचल नारायणपुर (अबूझमाड़) के किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
औषधीय खेती को बताया आय बढ़ाने का बेहतर विकल्प
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम ने किसानों से औषधीय पौधों की खेती अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि औषधीय फसलों की खेती किसानों के लिए समृद्धि का नया मार्ग बन सकती है। शासन और बोर्ड की योजनाओं का लाभ लेकर किसान अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। बोर्ड के उपाध्यक्ष अंजय शुक्ला ने कहा कि औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देने के लिए बोर्ड किसानों को हर संभव तकनीकी और मार्गदर्शी सहयोग प्रदान करेगा।
पैडी डायवर्सन मॉडल से किसानों को मिलेगा अधिक लाभ
बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जे.ए.सी.एस. राव ने बताया कि पैडी डायवर्सन मॉडल के अंतर्गत किसानों को धान की पारंपरिक खेती के स्थान पर लाभकारी औषधीय फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ‘वच’ की खेती किसानों के लिए एक बेहतर विकल्प है, जिसमें लगभग 20 हजार रुपये की लागत आती है और एक एकड़ में एक वर्ष के भीतर लगभग एक लाख रुपये तक की शुद्ध आय अर्जित की जा सकती है।
वच विदोहन की दी गई व्यवहारिक जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान किसानों को वच की फसल की कटाई एवं प्रसंस्करण की पूरी प्रक्रिया का व्यवहारिक प्रदर्शन कराया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि वच की जड़ों की खुदाई, सफाई, कटाई और सुखाने की वैज्ञानिक विधि अपनाकर बेहतर गुणवत्ता का उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। तैयार उत्पाद को बाजार में विक्रय कर किसान अच्छी आय अर्जित कर सकते हैं।
महिला स्व-सहायता समूह की खस खेती बनी प्रेरणा
कार्यक्रम के बाद बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम और उपाध्यक्ष अंजय शुक्ला ने धमतरी जिले के ग्राम पोतियाडीह में मां गायत्री स्व-सहायता समूह द्वारा दो एकड़ क्षेत्र में की जा रही खस की खेती का निरीक्षण किया। समूह की महिलाओं ने बताया कि आगामी सप्ताह में खस की जड़ों की कटाई की जाएगी, जिससे लगभग एक लाख रूपए की आय होने की संभावना है। अधिकारियों ने महिलाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
किसानों ने दिखाई विशेष रुचि
प्रशिक्षण कार्यक्रम में धमतरी जिले के ग्राम राउतमुड़ा सहित आसपास के गांवों तथा नारायणपुर जिले के कोहकामेटा और किलकाड़ क्षेत्र से लगभग 50 किसानों ने भाग लिया। किसानों ने औषधीय पौधों की खेती को लेकर विशेष रुचि दिखाई और विशेषज्ञों से तकनीकी जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम में बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम, उपाध्यक्ष अंजय शुक्ला, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जे.ए.सी.एस. राव, औषधीय पौधों की खेती के सलाहकार डी.के.एस. चौहान तथा धमतरी के समन्वयक फकीरराम कोसरिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे ।









