10 अगस्त को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस: 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों को निःशुल्क दी जाएगी एल्बेंडाजोल

17 अगस्त को होगा मॉप-अप दिवस, छूटे हुए बच्चों को भी खिलाई जाएगी दवा

रायपुर। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस भारत सरकार द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य सुधार के लिए वर्ष में दो बार आमतौर पर 10 फरवरी और 10 अगस्त को मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण अभियान है। इसके तहत 1 से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों को एल्बेंडाजोल की निःशुल्क गोली खिलाई जाती है। यह अभियान सरकारी स्कूलों, सहायता प्राप्त स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से चलाया जाता है। इससे बच्चों के पेट के कीड़े (कृमि) खत्म होते हैं, पोषण में सुधार होता है, और उनकी सीखने की क्षमता व रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ती है।

10 अगस्त को व्यापक – मिनाशन अभियान चलाया जाएगा
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के तहत 10 अगस्त 2026 को जिलेभर में व्यापक -मिनाशन अभियान चलाया जाएगा। अभियान के अंतर्गत 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को शासकीय एवं निजी विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, महाविद्यालयों तथा विद्यालय नहीं जाने वाले बच्चों तक पहुंचकर एल्बेंडाजोल की निःशुल्क दवा खिलाई जाएगी।

3 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को एक पूरी गोली चबाकर पानी के साथ दी जाएगी
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बच्चों की आयु के आधार पर दवा का सेवन कराया जाएगा। 1 से 2 वर्ष तक के बच्चों को आधी गोली (200 मि.ग्रा.) चूरा बनाकर, 2 से 3 वर्ष तक के बच्चों को एक पूरी गोली (400 मि.ग्रा.) चूरा बनाकर तथा 3 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को एक पूरी गोली (400 मि.ग्रा.) चबाकर पानी के साथ दी जाएगी। दवा का वितरण प्रशिक्षित शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की निगरानी में किया जाएगा।

प्रत्येक बच्चा एवं किशोर-किशोरी इस अभियान का लाभ अवश्य
मुख्य अभियान के दौरान यदि कोई पात्र बच्चा दवा नहीं ले पाता है, तो उसे 17 अगस्त 2026 को आयोजित मॉप-अप दिवस पर एल्बेंडाजोल की दवा उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि कोई भी पात्र बच्चा कृमिनाशन से वंचित न रहे। जशपुर कलेक्टर ने जिले के सभी अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों एवं नागरिकों से अभियान में सक्रिय सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग का प्रत्येक बच्चा एवं किशोर-किशोरी इस अभियान का लाभ अवश्य प्राप्त करे।

कृमिनाशन से समुचित शारीरिक एवं मानसिक विकास को भी बढ़ावा मिलता है
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी. एस. जात्रा ने बताया कि पेट में कृमि होने से बच्चों में एनीमिया, कुपोषण, कमजोरी, भूख कम लगना, पेट दर्द, पढ़ाई में एकाग्रता की कमी तथा शारीरिक एवं मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि एल्बेंडाजोल एक सुरक्षित एवं प्रभावी कृमिनाशक दवा है, जिसे प्रशिक्षित कर्मियों की देखरेख में आयु के अनुसार दिया जाता है। नियमित कृमिनाशन से बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार होने के साथ उनके समुचित शारीरिक एवं मानसिक विकास को भी बढ़ावा मिलता है।

सभी पात्र बच्चों को 10 अगस्त को एल्बेंडाजोल की दवा अवश्य दिलाएं
स्वास्थ्य विभाग ने सभी विभागों, शिक्षण संस्थानों, आंगनबाड़ी केंद्रों, पालकों एवं आम नागरिकों से अपील की है कि वे राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें तथा सभी पात्र बच्चों को 10 अगस्त को एल्बेंडाजोल की दवा अवश्य दिलाएं। जो बच्चे मुख्य दिवस पर दवा नहीं ले सकें, उन्हें 17 अगस्त को आयोजित मॉप-अप दिवस पर दवा अवश्य दिलाई जाए।

Hamar Dhamtari
Author: Hamar Dhamtari

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