रायपुर…. प्रधानमंत्री आवास योजना छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में न केवल पक्के मकानों का निर्माण कर रही है, बल्कि गरीब परिवारों को सुरक्षित, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन की दिशा में आगे बढ़ा रही है। जांजगीर-चांपा जिले की ग्राम पंचायत अकलतरी की निवासी चंद्रिका बाई की कहानी इस बात का जीवंत उदाहरण है कि शासन की योजनाएं जब ज़मीन पर प्रभावी ढंग से लागू होती हैं, तो जीवन की तस्वीर बदल जाती है।
आर्थिक रूप से कमजोर परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहीं श्रीमती चंद्रिका बाई वर्षों से खपरे की छत वाले कच्चे मकान में रहने को मजबूर थीं। बरसात के मौसम में पानी टपकना, दीवारों का कमजोर होना और असुरक्षा का भय उनके दैनिक जीवन का हिस्सा था। सीमित आय के कारण वे न तो नया मकान बना पा रही थीं और न ही पुराने छप्पर की मरम्मत करा पाने की स्थिति में थीं।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत श चंद्रिका बाई का आवास स्वीकृत हुआ। शासन द्वारा 1 लाख 20 हजार रुपये की सहायता राशि उनके खाते में चरणबद्ध रूप से आबंटित की गई। जिससे उनका पक्का मकान बनकर तैयार हुआ। आज श्रीमती चंद्रिका बाई अपने मजबूत, सुरक्षित और सुविधायुक्त पक्के मकान में ससम्मान जीवन यापन कर रही हैं। उन्हें प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत एलपीजी कनेक्शन तथा स्वच्छ भारत मिशन के तहत जलवाहित शौचालय का भी लाभ मिला है, जिससे उनके जीवन में स्वच्छता और सुविधा दोनों सुनिश्चित हुई हैं।
श चंद्रिका बाई कहती हैं कि प्रधानमंत्री आवास योजना मेरे जैसे गरीबों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यह कहानी केवल एक मकान बनने की नहीं, बल्कि उस विश्वास की है, जो शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंदों के जीवन में स्थायी बदलाव के रूप में स्थापित कर रही हैं।



