धमतरी के युवाओं को एआई से जोड़ने की पहल, महाविद्यालयों में आयोजित हुई कार्यशालाएं
धमतरी। जिले के युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डिजिटल तकनीक और भविष्य की रोजगारपरक आवश्यकताओं से जोड़ने की दिशा में कलेक्टर अबिनाश मिश्रा की पहल पर जिले के पीजी कॉलेज, गर्ल्स कॉलेज और पॉलिटेक्निक कॉलेज में विशेष कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। कार्यशालाओं में करीब 1500 छात्र-छात्राओं ने सहभागिता कर एआई और आधुनिक तकनीक के बदलते स्वरूप को समझा तथा इसके शैक्षणिक एवं व्यावसायिक उपयोग की जानकारी प्राप्त की।
गर्ल्स कॉलेज एवं पॉलिटेक्निक कॉलेज में विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि आने वाला समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तकनीकी दक्षता का है। ऐसे में युवाओं के लिए केवल पारंपरिक शिक्षा तक सीमित रहना पर्याप्त नहीं है, बल्कि समय के साथ अपनी स्किल को अपडेट करना और नई तकनीकों को सीखना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि जो विद्यार्थी सीखने की निरंतरता बनाए रखते हुए तकनीक को अपने ज्ञान और कौशल का हिस्सा बनाएंगे, उनके लिए भविष्य में रोजगार, स्वरोजगार और नवाचार के व्यापक अवसर उपलब्ध होंगे।
कलेक्टर ने विद्यार्थियों को सफलता के लिए स्पष्ट लक्ष्य, अनुशासन, मेहनत, जिज्ञासा और निरंतर सीखने को आवश्यक बताते हुए कहा कि एआई का उपयोग पढ़ाई को सरल एवं प्रभावी बनाने, विषयों की बेहतर समझ विकसित करने, नई जानकारी प्राप्त करने, प्रोजेक्ट तैयार करने तथा अपनी रचनात्मक क्षमताओं को निखारने के लिए किया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीक का जिम्मेदारीपूर्वक और सकारात्मक उपयोग करने की भी सीख दी।
उन्होंने कहा, “शिक्षा जीवन की दिशा बदलने का सबसे प्रभावी माध्यम है। विद्यार्थी अपने लक्ष्य निर्धारित करें, नियमित मेहनत करें और बदलती तकनीक के अनुरूप स्वयं को तैयार करते रहें। सीखने की क्षमता ही भविष्य की सबसे बड़ी ताकत है।”
छात्राओं को दी अजीम प्रेमजी स्कॉलरशिप की जानकारी
कार्यशाला के दौरान कलेक्टर श्री मिश्रा ने छात्राओं को अजीम प्रेमजी स्कॉलरशिप की जानकारी देते हुए पात्र छात्राओं को इसका लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि पात्र छात्राओं को प्रतिवर्ष 30 हजार रुपए की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है, जिसका उपयोग ट्यूशन फीस सहित शिक्षा से जुड़े अन्य खर्चों के लिए किया जा सकता है। उन्होंने छात्राओं से छात्रवृत्ति की राशि का उपयोग अपनी शिक्षा एवं कौशल विकास को मजबूत करने में करने तथा योजना की जानकारी अन्य जरूरतमंद छात्राओं तक पहुंचाने की अपील की।
कलेक्टर ने विद्यार्थियों को इंटरनेट पर उपलब्ध रोजगारपरक ऑनलाइन पाठ्यक्रमों, डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म और अन्य संसाधनों का उपयोग कर अपने ज्ञान एवं कौशल का निरंतर विस्तार करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही आदिवासी विकास विभाग द्वारा संचालित छात्रवृत्ति योजनाओं की जानकारी देते हुए पात्र विद्यार्थियों से अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की।
इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त अरुण वर्मा, महाविद्यालयों के प्राचार्य, प्राध्यापकगण, अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।










