दंतेवाड़ा। आय से अधिक संपत्ति के मामले में दंतेवाड़ा के तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) सुभाष गंजीर को दंतेवाड़ा की विशेष अदालत ने दोषी करार देते हुए चार वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। यह फैसला करीब नौ साल पुराने उस मामले में आया है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2017 में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) की कार्रवाई से हुई थी।
लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद विशेष न्यायालय ने ACB की ओर से पेश किए गए दस्तावेजों, गवाहों और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया। अदालत ने अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों को विश्वसनीय मानते हुए सुभाष गंजीर को आय से अधिक संपत्ति के मामले में दोषी पाया और चार साल के सश्रम कारावास तथा 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
अभियोजन पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ममता शर्मा ने मामले में पैरवी की। वर्ष 2017 में हुई छापेमारी के बाद से ही यह मामला बस्तर में चर्चित रहा था। अब विशेष अदालत के फैसले के बाद तत्कालीन DEO को भ्रष्टाचार के इस मामले में सजा सुनाई गई है।









