प्रदेशभर के क्रिएटर्स ने जाना जिले का प्राकृतिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक वैभव
धमतरी। धमतरी जिले की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और साहसिक पर्यटन की संभावनाओं को डिजिटल माध्यम से देश-दुनिया तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘मॉनसून क्रिएटर मीट-अप 2026’ का आज शुभारंभ हुआ। दो दिवसीय इस आयोजन में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से प्रमुख कंटेंट क्रिएटर्स, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, यूट्यूबर्स, फोटोग्राफर्स, वीडियोग्राफर्स एवं डिजिटल स्टोरीटेलर्स शामिल हो रहे हैं। आयोजन के माध्यम से क्रिएटर्स धमतरी के पर्यटन स्थलों का प्रत्यक्ष अनुभव लेकर अपनी रचनात्मक सामग्री के जरिए जिले की खूबसूरती और विशिष्टताओं को व्यापक डिजिटल दर्शक वर्ग तक पहुंचाएंगे।
आयोजन के पहले दिन क्रिएटर्स ने धमतरी की आस्था, प्रकृति, संस्कृति और रोमांच से रूबरू होते हुए विभिन्न पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया। दिन की शुरुआत पंजीयन, स्वागत एवं नाश्ते के साथ हुई। इसके बाद प्रतिभागियों ने अंगारमोती माता मंदिर में दर्शन कर जिले की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को जाना। इसके पश्चात गंगरेल बांध और थेमली द्वीप ठेमली आई लैंड) का भ्रमण किया गया। मानसून के दौरान जल से लबालब गंगरेल जलाशय और आसपास का हरित एवं मनोरम प्राकृतिक परिवेश क्रिएटर्स के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
क्रिएटर्स ने हरफर गांव पहुंचकर ग्रामीण परिवेश, स्थानीय जीवनशैली और छत्तीसगढ़ की ग्रामीण संस्कृति को करीब से समझा। इसके बाद गांधी मंदिर का भ्रमण किया गया। दिन के अगले चरण में प्रतिभागियों ने रुद्री में कयाकिंग का रोमांचक अनुभव लिया। इससे धमतरी में विकसित हो रही जल एवं साहसिक पर्यटन की संभावनाओं से भी उन्हें परिचित होने का अवसर मिला।
आध्यात्मिक यात्रा के क्रम में क्रिएटर्स ने रुद्रेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना एवं दर्शन किए तथा दिन के अंतिम चरण में बिलाई माता मंदिर पहुंचकर दर्शन किए। रात्रि में गंगरेल/रुद्री क्षेत्र में कैंपिंग एवं नाइट साइक्लिंग का आयोजन भी किया गया है। इस प्रकार प्रतिभागियों को धमतरी के प्राकृतिक परिवेश को दिन और रात दोनों के अलग-अलग रूपों में अनुभव करने का अवसर मिल रहा है।
वनमंडलाधिकारी जाधव श्रीकृष्णा ने क्रिएटर्स से किया संवाद
कार्यक्रम के दौरान वनमंडलाधिकारी जाधव श्रीकृष्णा भी क्रिएटर मीट-अप में शामिल हुए। उन्होंने प्रदेशभर से पहुंचे क्रिएटर्स से आत्मीयता से परिचय प्राप्त किया और उनके साथ जिले की भौगोलिक विविधता, वन संपदा, जैव विविधता, स्थानीय संस्कृति, प्राकृतिक विरासत एवं पर्यटन संभावनाओं पर सार्थक संवाद किया।
वनमंडलाधिकारी ने क्रिएटर्स को धमतरी के प्राकृतिक परिवेश और वन क्षेत्रों की विशेषताओं से अवगत कराते हुए बताया कि जिले की पहचान उसके जल, जंगल, हरियाली और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से भी जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि धमतरी में प्रकृति और संस्कृति का अनूठा संगम है, जिसे रचनात्मक डिजिटल माध्यमों के जरिए व्यापक स्तर पर प्रस्तुत किया जा सकता है।
उन्होंने जिम्मेदार एवं पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर देते हुए क्रिएटर्स से आग्रह किया कि वे अपने डिजिटल कंटेंट के माध्यम से पर्यटन के साथ-साथ प्रकृति संरक्षण का संदेश भी दें। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया आज किसी पर्यटन स्थल की पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन चुका है। क्रिएटर्स द्वारा तैयार किए गए फोटो, वीडियो, रील्स और व्लॉग धमतरी की पर्यटन संभावनाओं को नई पहचान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
क्रिएटर्स ने भी जिले की प्राकृतिक संपदा, पर्यटन स्थलों और स्थानीय विशेषताओं को लेकर अपनी जिज्ञासाएं साझा कीं। वनमंडलाधिकारी ने उनके सवालों का जवाब देते हुए धमतरी की प्राकृतिक विरासत और पर्यटन विकास की संभावनाओं की जानकारी दी।
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बनेगी धमतरी की नई पहचान
‘मॉनसून क्रिएटर मीट-अप 2026’ का उद्देश्य केवल पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराना नहीं, बल्कि डिजिटल क्रिएटर्स की पहुंच और रचनात्मकता के माध्यम से धमतरी को पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाना है। आयोजन में शामिल क्रिएटर्स अपने अनुभवों पर आधारित रील्स, फोटो, वीडियो, व्लॉग एवं डिजिटल स्टोरी तैयार करेंगे। इससे गंगरेल, रुद्री, थेमली द्वीप, धार्मिक स्थल, प्राकृतिक क्षेत्र, ग्रामीण जीवन, साहसिक गतिविधियां और स्थानीय संस्कृति सोशल मीडिया के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचेंगी।
इस पहल से धमतरी में पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर होम-स्टे, स्थानीय खान-पान, हस्तशिल्प, परिवहन तथा अन्य पर्यटन आधारित गतिविधियों के लिए भी नए अवसर विकसित होने की संभावना है। युवा वर्ग को जिले के पर्यटन स्थलों से जोड़ने और स्थानीय विरासत के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी यह आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
‘Explore • Create • Connect’ की थीम के साथ आयोजित यह क्रिएटर मीट-अप धमतरी की प्राकृतिक सुंदरता, आध्यात्मिक आस्था, कला-संस्कृति और साहसिक पर्यटन को डिजिटल दुनिया से जोड़ने की अभिनव पहल है। मानसून की हरियाली और जल से समृद्ध धमतरी का मनोहारी स्वरूप अब प्रदेश के प्रमुख डिजिटल क्रिएटर्स की नजरों से देश-दुनिया तक पहुंचेगा।









