डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक एवं OTP फ्रॉड से बचाव के बताए प्रभावी उपाय
धमतरी। पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय (भा.पु.से.) के निर्देशन में तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसडीओपी कुरूद, एसडीओपी नगरी एवं डीएसपी साइबर के मार्गदर्शन में धमतरी पुलिस द्वारा “साइबर जागृति अभियान” के अंतर्गत जिलेभर में लगातार व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में 8 सितंबर 2026 को जिले के विभिन्न थाना एवं चौकी क्षेत्रों में पुलिस टीमों द्वारा आम नागरिकों, विद्यार्थियों, महिलाओं, शिक्षकों, व्यापारियों एवं ग्रामीणों को साइबर अपराधों से बचाव एवं सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के संबंध में जागरूक किया गया।
जिले के थाना कोतवाली, रूद्री, अर्जुनी, कुरूद, मगरलोड, भखारा, बिरेझर, बोराई तथा चौकी अकलाडोंगरी सहित विभिन्न क्षेत्रों में बाजारों, स्कूलों, चौक-चौराहों, सार्वजनिक स्थलों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इस दौरान लोगों को ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी पुलिस/CBI/ED अधिकारी बनकर किए जाने वाले कॉल, OTP फ्रॉड, बैंकिंग फ्रॉड, फर्जी लिंक, QR कोड एवं सोशल मीडिया फ्रॉड से बचने के उपाय बताए गए।
पुलिस टीमों ने विशेष रूप से समझाया कि पुलिस अथवा कोई भी सरकारी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से किसी व्यक्ति को डिजिटल अरेस्ट कर पैसे जमा कराने के लिए बाध्य नहीं करती। ऐसे किसी भी कॉल पर घबराएं नहीं और न ही अपनी बैंकिंग अथवा व्यक्तिगत जानकारी साझा करें।
महिला एवं बालिकाओं की सुरक्षा पर विशेष जोर
महिला रक्षा टीम द्वारा बालिकाओं एवं महिलाओं को महिला सुरक्षा, उनके अधिकारों एवं उपलब्ध सहायता सेवाओं की जानकारी दी गई। इस दौरान “अभिव्यक्ति” ऐप डाउनलोड कराकर उसकी सुरक्षा सुविधाओं के उपयोग की जानकारी दी गई तथा महिला हेल्पलाइन एवं आत्मरक्षा के संबंध में भी जागरूक किया गया।
अभियान के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से लगभग 1200 विद्यार्थियों, महिलाओं, शिक्षकों, व्यापारियों एवं ग्रामीणों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाया गया। पुलिस द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई कि वे स्वयं जागरूक रहें तथा अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी साइबर अपराधों के प्रति सतर्क करें।









