मातृत्व शक्ति के सम्मान में प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों में बनाया जाएगा महतारी सदन: उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

उपमुख्यमंत्री ने की कबीरधाम जिला के अमलीडीह, मजगांव, समनापुर और नेवारी में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 33 लाख रूपए की घोषणा

रायपुर। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा गुरुवार को अपने एक दिवसीय कबीरधाम प्रवास के दौरान विभिन्न ग्रामों में आयोजित मां शाकंभरी जयंती आयोजन में शामिल हुए। उपमुख्यमंत्री शर्मा बोडला विकासखंड के ग्राम मोतिमपुर, बरपेलाटोला, अमलीडीह, मजगांव, समनापुर और नेवारी में आयोजित शाकंभरी जयंती कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने मां शाकम्भरी देवी की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली, सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। उन्होंने सभी को मां शाकम्भरी देवी जयंती की बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में मातृत्व शक्ति, माता-बहनों की सम्मान के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों में महतारी सदन बनाने का निर्णय लिया है। जो सिर्फ महिलाओं को समर्पित होगा व इस सदन में महिलाएं पारस्परिक, पारिवारिक सांस्कृतिक, व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करेंगी।
शाकंभरी जयंती के अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने समाज के उत्थान के लिए ग्राम अमलीडीह में मरार समाज के सामुदायिक भवन के लिए 10 लाख रुपए, ग्राम मजगांव में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 10 लाख रुपए, आहाता निर्माण के लिए 2 लाख रुपए, ग्राम समनापुर में भवन निर्माण के लिए 05 लाख रूपए, आहता निर्माण के लिए 03 लाख रूपए, ग्राम नेवारी में भवन निर्माण के लिए 08 लाख रूपए देने की घोषणा की। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि क्षेत्र और ग्राम विकास के लिए जो भी मांग और समस्याओं को संज्ञान में लाया जाएगा, उन्हें भी प्राथमिकता से पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संतोष पटेल, कैलाश चन्द्रवंशी, ईश्वरी साहू, पोखराज सिंह परिहार, रामप्रसाद बघेल, मनीराम साहू, मयंक गुप्ता सहित पंच, सरपंच, समाजिक पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थीं। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पटेल (मरार) समाज द्वारा आयोजित मां शाकंभरी जयंती के आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि मां शाकंभरी, मां अन्नपूर्णा और शक्ति स्वरूपा दुर्गा का भी अवतार है। पूरे प्रदेश में मां शाकंभरी जयंती को बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है और वन देवी के रूप में भी पूजा-अर्चना की जाती है। उन्होंने पटेल समाज की तारिफ करते हुए कहा कि पटेल समाज एक संगठित और सशक्त समाज है।
उन्होंने कहा कि समाज पूरे प्रदेश में एक सशक्त और संगठित समाज की अवधारणा को पूरा करते हुए आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि समाज का मूल व्यवसाय खेती-किसानी, सब्जी-भाजी के उत्पादन कर अपने अजीवका का साधन उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि पटेल समाज को अब कृषि के क्षेत्र के साथ ही प्रत्येक क्षेत्र मे अपनी भागीदारी बढ़ानी चाहिए।

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