अपराधियों में पुलिस का भय और आम नागरिकों से मधुर संबंध स्थापित करें-उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा पुलिस गौरव सम्मान समारोह में हुए शामिल, उल्लेखनीय कार्य करने वाले पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को किया सम्मानित
रायपुर। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने छत्तीसगढ़ के बीजापुर-सुकमा बार्डर टेकलगुड़ा के नक्सली मुठभेंड़ में शहीद जवानों को श्रद्धांजली अर्पित करते हुए नक्सली हिंसा की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद विकास की विरोधी है। छत्तीसगढ़ सरकार बस्तर में रहने वाले लोगों को सुरक्षा मुहैया कराने के लिए नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस कैंप खोली जा रही है। दरअसल ये पुलिस कैंप नहीं बल्कि बस्तर में रहने वाले लोगों के लिए यह विकास कैंप है। इस विकास कैंप के जरिए बस्तर के जंगलों में रहने वाले लोगों को मुलभूत सुविधाओं के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, विद्युत सहित अन्य बुनियादी सुविधाएं उन तक पहुंचाई जा रही है। लेकिन नक्सलवाद से जुड़े लोग इस बुनियादी और मुलभूत सुविधाओं को वहां के लोगों तक पहुंचने नहीं दे रहे है। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने यह बाते कवर्धा के पीजी कॉलेज ऑडिटोरियम में आयोजित पुलिस गौरव सम्मान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने इस पुलिस गौरव सम्मान समारोह में 32 अलग-अलग कैटैगिरी में उल्लेखनीय कार्य करने वाले पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने सेवानिवृत्त हुए प्रधान आरक्षक श्री बीरबल भगत को शॉल-श्रीफल देकर सम्मानित किया।
पुलिस गौरव सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री शर्मा ने यह भी कहा कि आने वाले समय में नक्सलवाद के खिलाफ छत्तीसगढ़ सरकार की कार्यवाही और भी तेज होगी। उन्होंने यह भी कहा कि नक्सलवाद से जुड़े हुए युवाओं कों मुख्यधारा में लाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार हर स्तर पर संवाद करने को तैयार है। साथ ही संचार के अन्य माध्यमों से भी चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कवर्धा के लालपुर में हुए हत्या का भी जिक्र करते हुए इस तरह की घटना की निंदा की।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सभी पुलिस अधिकारी कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि पुलिस जवानों ने उल्लेखनीय कार्य किया है आज उन्हें सम्मानित किया गया है यह बहुत ही गर्व की बात है। पुलिस के माध्यम से ही हमारा समाज और शहर सुरक्षित महसुस करता है। वे 24 घंटे आम लोगों की सुरक्षा को लेकर तैनात रहते है। ऐसी स्थिति में जवान अपने परिवार तक से दुर रहते हुए देश की सेवा में लगे रहते हैं। उन्होंने कहा कि इस विभाग से जुड़े मुझे एक माह ही हुआ है, यही मेरा परिवार है।
उन्होंने कहा कि कई बार तो ऐसा भी मौका आता है कि वे ड्यूटी से छूटकर घर पहुंचते है तो किसी गंभीर विषय में पुनः उन्हें लौटकर ड्यूटी पर जाना होता है। पुलिस के जवान हर मौसम में सजगता के साथ अपनी ड्यूटी को पूरा करते हैं। ऐसे जवानांे को मेरा सलाम है, जो देश की रक्षा के लिए अपनी जान हथेली में लेकर चलते है। उन्होंने कहा कि पुलिस का संबंध आम नागरिकों से मधुर और अपराधियों में भय का महौल होना चाहिए।

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