धमतरी @ विश्वनाथ गुप्ता। हम बात कर रहे है विवेकानंद स्थित अटल आवास की जो तकरीबन 20 वर्ष पुराना हो चुका है और अब जर्जर से भी बत्तर हालत में है जिसे देखने भर से ही कोई भी समझदार व्यक्ति वहां से गुजरना भी नही चाहेगा पर इस अटल आवास में 30 से ऊपर परिवार या इससे भी अधिक निवास कर रहे है जो कभी भी किसी बड़ी दुर्घटना का शिकार हो सकते है
सबसे बड़ी बात ये है की जब से बिल्डिंग बनी है वहां निवास कर रहे लोगो का कहना है आज तक कोई मरमत कार्य भी नही हुआ है
पलस्तर से लोहे की रॉड बाहर निकली हुई है , सीढियां इतनी जर्जर है की कोई पांव रखने पर दस बार सोचे पर प्रशासन को शायद इन सब से कोई मतलब नहीं जान पड़ता है तभी तो यहां आज तक कोई मरमत कार्य भी नही हुआ
अभी चंद दिनों बाद बारिश का मौसम सर पर है जीवन वैसे ही अस्त व्यस्त हो जायेगा अब इन हालातो में अगर यहां अगर कोई हादसा हो जाता है तो जिम्मेदारी किसकी होगी ,छोटे छोटे बच्चो को छोड़ घर के कमाने वाले बाहर जाते है इस बीच कुछ भी हो सकता है प्रशासन को वहां रह रहे परिवार की सुध लेना चाहिए कही देर न हो जाए ।
फिर प्रशासन के पास सिर्फ राशन और शासन के पास सिर्फ भाषण रह जायेगा ,,समय रहते सब ठीक हो सकता है मानसून आने में अभी कुछ दिन शेष है।




