प्रदीप साहू @ नगरी। भारत सरकार के जनजाति कल्याण विभाग एवं छत्तीसगढ़ शासन की जनजाति सलाहकार परिषद द्वारा अनुसूचित क्षेत्र विस्तार अधिनियम 2022 (पेसा) के क्रियान्वयन एवं अध्ययन के उद्देश्य से बस्तर के प्रवेश द्वार धमतरी जिले के ग्राम पंचायत सांकरा में अध्ययन भ्रमण किया गया। इस दौरान ग्राम पंचायत को चार भागों में टोली बनाकर अध्ययन किया गया।
अध्ययन भ्रमण में भारत सरकार की टीम के साथ दिल्ली, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ़ के वनवासी कल्याण संगठन के प्रतिनिधि तथा पेसा से संबंधित जिला स्तरीय सदस्य उपस्थित रहे। ग्राम पंचायत सांकरा में पेसा अधिनियम के सफल संचालन की जानकारी ग्राम सभा अध्यक्ष सती मरकाम एवं ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष गिरवर भंडारी द्वारा टीम को दी गई।
इस अवसर पर सरपंच नागेन्द्र बोरझा सहित समस्त पंचगणों तथा पेसा के ग्राम स्तरीय समिति, संसाधन प्रबंधन समिति एवं शांति व न्याय समिति के सदस्यों ने अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया। ग्राम सभा अध्यक्ष सती मरकाम ने पेसा अधिनियम के अध्ययन हेतु शासन द्वारा ग्राम पंचायत सांकरा को चयनित किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए आभार जताया।
कार्यक्रम में जनजाति सलाहकार परिषद छत्तीसगढ़ के कृष्णा कुमार वैष्णव, जनजाति सुरक्षा मंच प्रमुख सुबोध पांडे, पंचायती राज मंत्रालय के सलाहकार पंकज पांडेय (नई दिल्ली), मिलिन खेती (पुणे-नासिक, महाराष्ट्र), संकाय सदस्य अशोक जायसवाल (निमोरा) सहित सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा एवं नारायणपुर जिलों के वनवासी कल्याण संगठन के सदस्य उपस्थित रहे।
अध्ययन भ्रमण के दौरान ग्राम स्तर पर पेसा अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन, ग्राम सभा की भूमिका एवं जनभागीदारी को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।




