कच्चे घर से पक्के घर तक का सफर

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रायपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) छत्तीसगढ़ में हजारों जरूरतमंद परिवारों के लिए आश्रय, सुरक्षा और सम्मान की नई राह खोल रही है। इसी कड़ी में जांजगीर-चांपा जिले के जनपद पंचायत पामगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत मेंहदी के निवासी श्री रमेश कुमार खटकर को भी योजना का प्रत्यक्ष लाभ मिला है।

रमेश कुमार खटकर एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। सीमित आय, अनिश्चित खेती-बाड़ी और दैनिक आवश्यकताओं के बीच उनका परिवार लंबे समय तक कच्चे मकान में रहने को मजबूर था। बरसात के दौरान टपकती छत, तपती गर्मियों और कड़कड़ाती सर्दियों में असुविधाजनक घर परिवार के लिए कठिनाई और चिंता का कारण बनता था।

आर्थिक चुनौतियों के बावजूद श्री खटकर ने हार नहीं मानी। शासन की लोककल्याणकारी योजनाओं पर विश्वास रखते हुए उन्होंने आवेदन किया और वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत उन्हें 1,20,000 रुपये की स्वीकृति मिली। इस सहायता से उनका पक्का मकान तैयार होकर पूर्ण हुआ।

केवल आवास ही नहीं, शासन की अन्य योजनाओं ने भी उनके जीवन स्तर में महत्वपूर्ण सुधार लाया है। जिसमें महात्मा गांधी नरेगा के तहत 21,800 रुपये की मजदूरी से रोजगार और आय का सहारा मिला। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत निर्मित शौचालय से परिवार को स्वच्छता और सम्मान मिला। साथ ही प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना अंतर्गत गैस कनेक्शन प्राप्त होने से परिवार को धुएँ से मुक्ति मिली और रसोईघर सुरक्षित तथा स्वास्थ्य के अनुकूल बना।

आज श्री रमेश कुमार खटकर का घर केवल पक्की दीवारों और छत का प्रतीक नहीं, बल्कि सुरक्षा, गरिमा और आत्मविश्वास की नई शुरुआत है। उनका अनुभव यह दर्शाता है कि यदि संकल्प मजबूत हो और शासन योजनाओं का लाभ सही समय पर मिले, तो कठिन परिस्थितियाँ भी बदलकर सफलता का मार्ग प्रशस्त कर सकती हैं।

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