ग्राम डांडेसरा में किया गया था ग्राम भालू झूलन के लिए औद्योगिक क्षेत्र का भूमि पूजन
कुरुद…. कुरुद विधानसभा के कन्हारपुरी ग्राम पंचायत के 750 जनसंख्या वाले आश्रित ग्राम भालूझूलन के ग्रामीण उस समय आक्रोशित होकर धरना प्रदर्शन में बैठ गए जब उद्योग विभाग के लोग नवीन औद्योगिक क्षेत्र बनाने की शुरुआत करने वहां पहुंचें .
शासन द्वारा यहां नवीन औद्योगिक क्षेत्र भालूझूलन के 11 हेक्टेयर लगभग 27 एकड जमीन को अधिग्रहित कर उसका औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकास किया जाना है l आक्रोशित ग्रामीणों का कहना है कि इसके लिए हमारे ग्राम पंचायत की सहमति नहीं ली गई है , और हम इसका विरोध पिछले 1 साल से कर रहे हैं l धरना स्थल पर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष तारिणी चंद्राकर और जिला पंचायत सदस्य नीलम चंद्राकर ने भी धरना देकर ग्रामीणो का समर्थन किया l
12 फरवरी को सुबह 10:00 बजे से ग्राम भालूझूलन के प्रस्तावित नवीन औद्योगिक क्षेत्र में सैकडो की संख्या में ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया, जब सहायक अभियंता सीएसआईडीसी दीपांशु मेश्राम ले आउट देने वहां पर पहुंचे तभी ग्रामीण भारी आक्रोशित हो गए और टेंट लगाकर धरना देने बैठ गए l इस धरना प्रदर्शन में कांग्रेस के धमतरी जिलाध्यक्ष तारिणी चंद्राकर और क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य नीलम चंद्राकर भी पहुंचे और धरना प्रदर्शन में उनका साथ दिया .
नवीन औद्योगिक क्षेत्र भालूझूलन – गांव की 11 हेक्टेयर ( लगभग 27 ऐकड ) खाली जमीन को शासन ने अधिग्रहित कर नवीन औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है l जिस पर उद्योग विभाग द्वारा छोटे उद्योग को बढ़ावा देने के लिए छोटी इकाइयों की स्थापना किया जाना है . जिसके लिए जमीन का सीमांकन 26 मार्च 2025 को किया गया था l और इस कार्य के लिये भूमि पूजन का कार्य पास के ही गाँव में 2 फरवरी 2026 को कुरुद विधायक अजय चंद्राकर और ग्राम पंचायत के सरपंच ब्रह्मदत्त गनीर की उपस्थिति में किया गया था .
ग्रामीणों का विरोध
प्रस्तावित जमीन पर धरना दे रहे ग्राम भालूझूलन के आक्रोशित महिला एवम पुरूषों का कहना है कि हम पिछले एक वर्ष से इस जमीन पर औद्योगिक क्षेत्र बनाये जाने का विरोध कर रहे हैं l जिनके लिए क्षेत्र के तहसीलदार, एसडीएम, जिला व राज्य उद्योग विभाग के अलावा जिला कलेक्टर को भी 10 मार्च 2025 में विरोध का आवेदन पत्र दिया था l लेकिन शासन ने हमें नजरंदाज किया है .
ग्रामीणों का कहना है कि हम उक्त जमीन को चारागाह, खेल मैदान, मुक्तिधाम और भूमिहीनों के लिए मकान बनाने हेतु आबादी जमीन के लिए सुरक्षित रखे हुए हैं .
ग्राम के सरपंच हेमा ब्रह्मदत्त गनीर का कहना है कि हम नहीं जानते कि यह औद्योगिक क्षेत्र कौन और कैसे बनवा रहा है हमें सीईओ के द्वारा ग्राम डांडेसरा में 2 फरवरी को भूमिपूजन के लिए बुलाया गया था, और बोला गया था कि वहां जगह की दिक्कत है इसलिए ग्राम डांडेसरा में भूमि पूजन करवाना है, तो हम चले गए l यहां भालूझूलन के कार्य के संबंध में उनका कहना है कि गांव वालों की जो मर्जी है उसी में हमारी सहमति है.
धरना स्थल पर उपस्थित जिला पंचायत सदस्य नीलम चंद्राकर ने पत्रकारों से कहा की यहां बड़ा एजुकेशन हब बने, नर्सिंग कॉलेज बने, बड़ा कॉलेज या महाविद्यालय बनवाए जाए तो मैं इसके लिए गांव वालों को मनाऊंगा वे तैयार हो जाएंगे l उद्योग लगाने से बाहर के लोग आएंगे गांव का माहौल खराब करेंगे l ऐसा होने नहीं दिया जाएगा, यहां के कार्यों का भूमिपूजन बाजू वाले गांव में करवाया गया ताकि यहां के ग्रामीणों को पता ना चले . भूमि पूजन में ग्राम भालूझूलन के एक भी ग्रामीणों को नहीं पूछा गया जो गलत है .
इस संबंध में सहायक अभियंता सी एस आई डी सी दीक्षांशु मेश्राम ने कहा कि अभी हमारा साइड क्लियर नहीं है, अभी हम कार्य नहीं कर पाएंगे ।
इस संबंध में कुरूद तहसीलदार सूरज बंछोर ने ग्रामीणों को कहा कि हम सभी उच्च अधिकारियों के साथ आपके गांव में एक बैठक करने आएंगे आप दिनांक तैय करके हमें बताइएगा। वही आगे का निर्णय लिया जाएगा।
इस विषय में कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि लोगों से बात किया जायेगा.
धरना स्थल पर दुर्गा दीवान, शिवकुमार पटेल, विनोद पटेल, पुनीत यादव, महेश दीवान, किरण दीवान, बहुरी दीवान, अभय यादव ,चरण दास साहू, लाल दीवान, सुरेश तिवारी, उदयलाल साहू, रामप्यारी कंवर, मानिक पटेल, रामाधार कंवर, शेषनारायण तिवारी, बाबूलाल दीवान, सहित सैकड़ो की संख्या में महिला और पुरुष धरना प्रदर्शन में शामिल थे।




