महतारी वंदन योजना से मिली नई दिशा, प्रेम बाई बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल

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रायपुर। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से संचालित महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बन रही है। ग्रामीण अंचलों की महिलाएं इस योजना के जरिए आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ कर रही हैं। सक्ती जिले के विकासखंड सक्ती अंतर्गत ग्राम भूरसीडीह की निवासी प्रेम बाई पटेल इसकी प्रेरक उदाहरण हैं।

प्रेम बाई पटेल को योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली आर्थिक सहायता की अब तक 26वीं किस्त प्राप्त हो चुकी है। इस नियमित सहयोग ने उनके जीवन में उल्लेखनीय बदलाव लाया है। उन्होंने प्राप्त राशि का उपयोग करते हुए गुपचुप (पानीपुरी) का ठेला शुरू किया, जिसे वे गांव-गांव घूमकर संचालित करती हैं। इस छोटे व्यवसाय से उन्हें नियमित आय प्राप्त हो रही है, जिससे उनका परिवार अब आर्थिक रूप से सशक्त हो रहा है।

प्रेम बाई इस आय से घर की आवश्यक जरूरतों—जैसे राशन एवं अन्य दैनिक उपयोग की सामग्री—की पूर्ति कर रही हैं। साथ ही वे अपने बच्चों के भविष्य के लिए भी बचत कर पा रही हैं। वे बताती हैं कि पहले जहां आर्थिक परेशानियां थीं, वहीं अब उनके जीवन में स्थिरता आई है, आत्मविश्वास बढ़ा है और स्वावलंबन की भावना विकसित हुई है।

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी को पूरा करने और महिलाओं के समग्र विकास के उद्देश्य से यह योजना मार्च 2024 में प्रारंभ की गई थी। तब से अब तक प्रदेश की हितग्राही महिलाओं को प्रतिमाह एक-एक हजार रुपये की सहायता राशि नियमित रूप से प्रदान की जा रही है। इस योजना के तहत अब तक 26 किस्तों में कुल 16,881 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है, जिससे लाखों महिलाओं को सीधा लाभ मिला है।

प्रेम बाई पटेल ने इस योजना से हुए सकारात्मक परिवर्तन के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इस योजना ने उनके जीवन को नई दिशा दी है और अब वे सम्मानपूर्वक आत्मनिर्भर जीवन जी रही हैं।

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