भारत माला घोटाला अभनपुर और कुरूद के कई ठिकानें पर एक साथ पड़े बड़े छापे

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कुरुद…. भारतमाला परियोजना घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार की सुबह बड़ी कार्रवाई करते हुए कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। धमतरी जिले के कुरूद विधायक और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के चचेरे भाई भूपेंद्र चंद्राकर के ठिकानों पर ED टीम पहुंची और दस्तावेजों की जांच शुरू की। साथ ही कुरुद में पूर्व राइस मिल अध्यक्ष रोशन चंद्राकर के ठिकानों पर भी एजेंसियों ने दबिश दी और दस्तावेज खंगाले।

सुबह सुबह अभनपुर के जमीन कारोबारी गोपाल गांधी समेत उनसे जुड़े लोगों के आधा दर्जन से अधिक ठिकानों पर भी ईडी ने आज छापा मारा है l

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शुरुआती जांच में जमीन अधिग्रहण के दौरान बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और नियमों को दरकिनार कर मुआवजा बांटने के संकेत मिले हैं। ED की ओर से कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई ।और कुरुद थाने को भी इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी l

 

जानकारी के मुताबिक सुबह तीन वाहनों में 12 से अधिक अधिकारी भूपेंद्र चंद्राकर के घर पहुंचे। सुरक्षा बलों की मौजूदगी में टीम ने घर के अंदर दस्तावेजों की जांच की। बताया गया कि जांच के दौरान घर को अंदर से लॉक कर दिया गया था, ताकि कोई व्यक्ति अंदर-बाहर न जा सके।

 

ED को मिली शिकायतों में आरोप है कि भारतमाला परियोजना के तहत जमीन अधिग्रहण में भारी अनियमितताएं हुईं। अभनपुर, काया बांधा (अभनपुर), दुर्ग, पाटन, राजनांदगांव के देवादा और मगरलोड जैसे इलाकों में करीबियों को करोड़ों रुपये का मुआवजा दिलाए जाने का आरोप है।

 

प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि कृषि भूमि को रिकॉर्ड में गैर-कृषि घोषित कर उसका मुआवजा कई गुना बढ़ाया गया। साथ ही एक ही खसरे की जमीन को कागजों में अलग-अलग हिस्सों में बांटकर कई लोगों के नाम भुगतान किए जाने की आशंका है।

 

भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर-विशाखापट्टनम आर्थिक कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण में इससे पहले भी ED राज्य के कई जिलों में छापेमारी कर करोड़ों की संपत्ति अटैच कर चुकी है। इस मामले में 500 करोड़ रुपये से अधिक की गड़बड़ी होने की आशंका जताई जा रही है।

 

पूरे मामले में ED अधिकारियों ने मीडिया से दूरी बनाए रखी है और कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया है। कार्रवाई देर शाम तक जारी रहने की सूचना है।

 

भारतमाला परियोजना घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जमीन कारोबारी गोपाल गांधी समेत उनसे जुड़े लोगों के आधा दर्जन से अधिक ठिकानों पर ईडी ने आज छापा मारा है.

 

जानकारी के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय के 13 अफसरों की बड़ी टीम छापामार कार्रवाई को अंजाम दे रही है. इस कड़ी में गोपाल गांधी के अभनपुर स्थित घर और उसके ऑफिस में छापा मारा गया है. सुबह सुबह करीब 5:00 बजे ईडी की टीम पहुंची l

अभी तक दस्तावेजों के साथ-साथ तमाम डिजिटल साक्ष्यों की तलाश में जुट गई है l

 

 

भूपेंद्र चंद्राकार पर सिर्फ अभनपुर ही नहीं, बल्कि अपने करीबियों को अलग-अलग तहसीलों में भारतमाला घोटाले में करोड़ों रुपए मुआवजा पहुंचाने का आरोप है.

 

भारतमाला परियोजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में हुए जमीन मुआवजा घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा की जांच में बड़े खुलासे हुए हैं l और इस बात की शिक़ायत भी ई डी तक पहुँची है l

रायपुर-विशाखापत्तनम इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान करीब 500 करोड़ रुपये से अधिक की धांधली का आरोप है.

 

अधिकारियों और जमीन दलालों की मिलीभगत से सरकार को पहुंचाया गया है  नुकसान

प्रवर्तन निदेशालय और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा की जांच में पता चला है कि कृषि भूमि को बैकडेट में गैर-कृषि भूमि में बदलकर उसका मुआवजा कई गुना बढ़ाकर दिखाया गया. यह खेल राजस्व विभाग के अधिकारियों (एसडीएम, तहसीलदार, पटवारी) ने जमीन दलालों के साथ मिलकर खेला. इसमें एक ही खसरे की जमीन को कागजों में छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर अलग-अलग लोगों को मुआवजा दिलाया गया l

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