पदोन्नति की मांग को लेकर सैकड़ों शिक्षकों ने घेरा रायपुर जेडी कार्यालय

रायपुर। टीईटी उत्तीर्ण शिक्षक कल्याण संघ द्वारा बार बार के ज्ञापन निवेदन के पश्चात आखिर कार संभाग के रायपुर,धमतरी, महासमुंद,बलौदा बाजार एवं गरियाबंद जिले से सैकड़ों शिक्षक प्रदर्शन को मजबूर हो ही गए।

वर्तमान में शिक्षा संभाग रायपुर अंतर्गत ‘टी’ संवर्ग की पदोन्नति प्रक्रिया संचालित की जा रही है। इसी क्रम में ‘टी’ संवर्ग की अंतिम वरिष्ठता सूची प्रकाशित की जा चुकी है तथा पात्र सहायक शिक्षकों की गोपनीय चरित्रावली आदि अभिलेख भी मंगाए जा रहे हैं।

परंतु ‘ई’ संवर्ग के सहायक शिक्षकों की अंतिम वरिष्ठता सूची अब तक प्रकाशित नहीं की गई है और न ही विषय आधारित रिक्त पदों के विरुद्ध पात्र सहायक शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया को अपेक्षित गति से आगे बढ़ाया जा रहा है।

टीईटी संघ संयोजक जितेंद्र साहू ने बतायावर्तमान शिक्षा व्यवस्था में अंग्रेजी, गणित, विज्ञान एवं हिंदी जैसे महत्वपूर्ण विषयों में शिक्षकों की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है। इन विषयों के अनेक पद रिक्त हैं तथा इन पदों पर पदोन्नति के लिए पात्र सहायक शिक्षक पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हैं।फिर भी प्रक्रिया अपनाई नहीं जा रही जिससे शिक्षकों में भरी आक्रोश है।

धमतरी से परमेश्वर साहू ने बताया कि वर्ष 2023 की पदोन्नति प्रक्रिया में अंग्रेजी विषय के 646 पदों में से केवल 383 पदों पर पदोन्नति दी गई, जबकि 263 पद रिक्त रह गए। इसी प्रकार गणित विषय में 347 पदों पर डी.पी.सी. आयोजित हुई, जिसमें 246 पदों पर पदोन्नति दी गई तथा 101 पद रिक्त रह गए। इसके अतिरिक्त प्रत्येक वर्ष लगभग 300 शिक्षक सेवानिवृत्त होते हैं। इस प्रकार विषय आधारित रिक्त पदों की संख्या 1000 से अधिक होने की स्थिति में है।और तो और आत्मानंद, विवेकंदन पीएम श्री जैसे स्कूलों के भी पद रिक्त है जिनको पदोन्नति के माध्यम से भरा जा सकता है।लेकिन अधिकारियों द्वारा इसे दरकिनार कर लाखों बच्चों के भविष्य के साथ अन्याय किया जा रहा उन्हें विषय आधारित शिक्षण से वंचित किया जा रहा।

बलौदा बाजार से आए सूर्यप्रकाश साहू ने कहा इसके अतिरिक्त वर्तमान में रायपुर संभाग में ‘ई’ संवर्ग अंतर्गत मिडिल स्कूल प्रधानाध्यापक के लगभग 1534 पद रिक्त हैं, जिनकी पदोन्नति प्रक्रिया प्रक्रियाधीन है। साथ ही सैकड़ों शिक्षकों की व्याख्याता पद पर पदोन्नति हो चुकी है, किंतु उनकी पदस्थापना लंबित है। ऐसी स्थिति में मिडिल स्कूलों में शिक्षकों की कमी और अधिक गंभीर होने की संभावना है, जिससे शिक्षण व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

प्रदर्शन में उपस्थित एक शिक्षक ने बताया कि संभाग के विभिन्न जिलों में सैकड़ों सहायक शिक्षक अतिशेष के रूप में कार्यरत हैं। ऐसे में पदोन्नति किए जाने से अतिशेष शिक्षकों के वेतन पर शासन को होने वाले अतिरिक्त आर्थिक भार में कमी आएगी तथा शिक्षकों के मनोबल में भी सकारात्मक परिवर्तन आएगा। इसका लाभ शासन, विद्यालय एवं विद्यार्थियों को प्राप्त होगा।

ज्ञात हो कि रायपुर संभाग संयुक्त संचालक से इस संबंध में चर्चा के दौरान डीपीआई महोदय द्वारा अनुमति न देने की बात सामने आती है।जबकि डीपीआई जाने पर यह जेडी स्तर कार्य और क्षेत्राधिकार है कह दिया जाता है।इन दोनों कार्यालयों के बीच सहायक शिक्षक से शिक्षक पदोन्नति प्रक्रिया रुकी हुई है।

टीईटी उत्तीर्ण शिक्षक कल्याण संघ ने एक हफ्ते का समय संयुक्त संचालक को दिया है।एक हफ्ते के भीतर प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ती है तो 1 सितम्बर 2026 से पदोन्नति की राह देख रहे सैकड़ो पात्र सहायक शिक्षक अनिश्चितकालीन हड़ताल करने के लिए बाध्य होंगे।

उपरोक्त प्रदर्शन में जितेंद्र साहू, परमेश्वर साहू, सूर्यप्रकाश साहू,टोकेश्वर साहू,कुलेश्वर साहू,सुरेश नंद, पीताम्बर सेन,सत्यवान साहू, लुकेश साहू,रश्मि पटेल, बुद्ध देव, देवनारायण,तुकलेश साहू, हेमसागर साहू,आदि सैकड़ों की संख्या में शिक्षक शामिल रहे।

Hamar Dhamtari
Author: Hamar Dhamtari

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