CGPSC की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस ने उठाए गंभीर सवाल

रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार और आयोग पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आरोप लगाया कि PSC युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है और मुख्य परीक्षा की उत्तर-पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में ऐसी गड़बड़ियां सामने आई हैं, जहां सही और गलत उत्तर देने वाले अभ्यर्थियों को बराबर अंक दिए गए, जबकि कुछ मामलों में गलत उत्तर लिखने वाले अभ्यर्थी को सही उत्तर देने वाले से अधिक अंक मिले।

दीपक बैज ने कहा कि विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान भाजपा ने युवाओं से वादा किया था कि छत्तीसगढ़ में UPSC की तर्ज पर PSC की परीक्षा आयोजित की जाएगी, लेकिन पिछले दो वर्षों से PSC की परीक्षाओं को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। दीपक बैज ने राज्य सेवा परीक्षा 2025 के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि इस परीक्षा में 265 पदों पर भर्ती होनी है। मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को पदों की संख्या के तीन गुना यानी 1:3 के अनुपात में इंटरव्यू के लिए बुलाया जाना चाहिए। उनके मुताबिक पद के तीन गुना अभ्यर्थी इंटरव्यू के लिए बुलाए जाते हैं। यानी 265 पद के हिसाब से 795 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए पहुंचना चाहिए था, लेकिन सिर्फ 608 अभ्यर्थी ही इंटरव्यू के लिए बुलाए गए।

कांग्रेस का कहना है कि आयोग का तर्क है कि बाकी 187 अभ्यर्थी न्यूनतम अंक हासिल नहीं कर पाए, इसलिए उन्हें इंटरव्यू के लिए नहीं बुलाया गया। दीपक बैज ने आयोग से मांग की कि वह सार्वजनिक रूप से यह साबित करे कि इन 187 अभ्यर्थियों ने वास्तव में निर्धारित न्यूनतम अंक हासिल नहीं किए थे। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों का दावा है कि उनके अंक न्यूनतम सीमा से ऊपर हैं। ऐसे में इंटरव्यू शुरू होने से पहले सभी अभ्यर्थियों की उत्तर-पुस्तिकाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि मूल्यांकन को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सके।

दीपक बैज ने आरोप लगाया कि वर्ष 2024 की राज्य सेवा मुख्य परीक्षा में भी उत्तर-पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को लेकर गंभीर गड़बड़ियां सामने आई थीं। उन्होंने दो अभ्यर्थियों की उत्तर-पुस्तिकाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि दोनों ने कुछ सवालों के समान अथवा सही उत्तर लिखे, लेकिन उन्हें अलग-अलग अंक दिए गए।दीपक बैज के मुताबिक प्रश्न क्रमांक 5(i)(a) और (b) में दोनों अभ्यर्थियों के उत्तर समान और सही थे। इसके बावजूद एक अभ्यर्थी को 2 में से 0 अंक, जबकि दूसरे को 2 में से 2 अंक दिए गए। कांग्रेस ने इस अंतर को लेकर आयोग से जवाब मांगा है।

भक्तिन माता राजिम के सवाल में गलत उत्तर को भी अंक

कांग्रेस अध्यक्ष ने भक्तिन माता राजिम से जुड़े प्रश्न का उदाहरण देते हुए कहा कि एक अभ्यर्थी ने सही उत्तर लिखा, लेकिन उसे 8 में से 3.5 अंक मिले। वहीं दूसरे अभ्यर्थी ने उत्तर में भक्तिन माता को कोंडागांव और आदिवासी समाज की देवी बताया, जिसे कांग्रेस ने गलत उत्तर बताया। इसके बावजूद उसे 1.5 अंक दिए गए।दीपक बैज का कहना है कि गलत उत्तर होने की स्थिति में उसे अंक नहीं मिलना चाहिए था।

कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में होमरूल लीग की स्थापना से जुड़े सवाल का भी उदाहरण दिया। उनके मुताबिक एक अभ्यर्थी ने सही उत्तर लिखा और उसे 4 में से 2.5 अंक मिले। दूसरे अभ्यर्थी ने होमरूल लीग के संबंध में 1923 और स्वराज दल का उत्तर लिखा, जिसे कांग्रेस ने पूरी तरह गलत बताया। इसके बावजूद उसे भी 4 में से 2.5 अंक दिए गए। दीपक बैज ने सवाल उठाया कि जब दोनों उत्तरों की तथ्यात्मक स्थिति अलग है तो दोनों को बराबर अंक कैसे दिए गए?

Hamar Dhamtari
Author: Hamar Dhamtari

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