रायपुर। CGPSC राज्य सेवा परीक्षा में कथित गड़बड़ी और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार अपर कलेक्टर चेतन बोरघरिया की ED रिमांड पूरी होने के बाद उन्हें 8 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। अब ED उन्हें 23 सितंबर को दोबारा कोर्ट में पेश करेगी।
चेतन बोरघरिया को ED ने 11 सितंबर को गिरफ्तार किया था। इसके बाद कोर्ट ने उन्हें छह दिन की कस्टोडियल रिमांड पर भेजा था। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद बुधवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से 23 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश हुआ।
ED की जांच CGPSC की 2020 और 2021 की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े आरोपों पर केंद्रित है। एजेंसी के मुताबिक, पूछताछ के दौरान मिले दस्तावेजों, डिजिटल साक्ष्यों, बैंकिंग लेन-देन और बयानों का विश्लेषण किया जा रहा है।










