धमतरी। सूर्य की ऊर्जा को घर-घर की जरूरत से जोड़ने की दिशा में धमतरी जिला तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने जिले के नागरिकों के बीच स्वच्छ ऊर्जा के प्रति नया उत्साह पैदा किया है। बिजली के खर्च में राहत, पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की यह पहल अब शहरों से आगे गांवों तक पहुंच रही है। जिले में अब तक 2,031 घरों में सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। हितग्राही बोल रहे सूर्य देवता के आशीर्वाद से मिलती मुफ्त बिजली ।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 13 फरवरी 2024 को ‘पीएम सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना’ शुरू करने की घोषणा की थी। इससे पहले 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में श्रीराम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा के बाद उन्होंने एक करोड़ घरों को रूफटॉप सोलर से जोड़ने के उद्देश्य से ‘प्रधानमंत्री सूर्योदय योजना’ की परिकल्पना सामने रखी थी। बाद में इसे ‘पीएम सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना’ का स्वरूप दिया गया। केंद्र सरकार ने योजना के लिए 75,021 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है और एक करोड़ परिवारों को रूफटॉप सोलर से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। पात्र परिवारों को 3 किलोवॉट तक के संयंत्र पर निर्धारित प्रावधानों के अनुसार केंद्रीय वित्तीय सहायता मिलती है।
धमतरी में योजना की प्रगति इसकी स्वीकार्यता को दर्शाती है। माह अगस्त 2026 तक जिले में 7,177 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 7,175 की फीजिबिलिटी स्वीकृत हुई। 6,034 हितग्राहियों ने वेंडर का चयन किया और 2,031 घरों में संयंत्र स्थापित हो चुके हैं। स्थापना के बाद 1,938 प्रकरणों में निरीक्षण स्वीकृत हुआ है। 1,745 हितग्राहियों की सब्सिडी रिडीम हुई, 1,627 प्रकरणों में सब्सिडी स्वीकृत तथा 1,555 हितग्राहियों को सब्सिडी वितरित की जा चुकी है।
जिले के सुदूर अंचल में यह योजना एक नए रूप में दिखाई दे रही है। नगरी विकासखंड का ग्राम ठेनही जिले का पहला गांव बना है, जहां सामूहिक सोलर पावर प्लांट स्थापित किया गया है। गांव के 71 परिवारों के लिए 2-2 किलोवॉट, अर्थात कुल 142 किलोवॉट क्षमता का सामूहिक सोलर प्लांट लगाया गया है। गांव से लगभग 50 से 75 मीटर दूरी पर उपलब्ध भूमि पर स्थापित इस संयंत्र के लिए ग्रामीणों से राशि नहीं ली गई है। आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद विद्युत उत्पादन और घरों में कनेक्शन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
कार्यपालन अभियंता विद्युत अनिल सोनी के अनुसार जिले के ऐसे 55 गांवों का चयन किया गया है, जहां पक्की छत वाले मकानों की उपलब्धता सीमित है और खपरैल वाले मकान अधिक हैं। ऐसे गांवों में वेंडरों द्वारा सब्सिडी राशि के माध्यम से आवश्यकता के अनुरूप सामूहिक सोलर प्लांट लगाए जा रहे हैं। ठेनही के ग्रामीण श्री इंदर सिंह नेताम इसे गांव के लिए खुशी और राहत का अवसर बताते हैं। उनके अनुसार इससे बिजली बिल की चिंता कम होगी और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।
नाथूकोना ग्राम सहित जिले के अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में भी सौर ऊर्जा को जनभागीदारी और स्थानीय जरूरतों से जोड़ने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। आजीविका मिशन बिहान के माध्यम से ‘सोलर दीदी’ के पंजीयन एवं प्रशिक्षण की पहल भी की जा रही है, ताकि ग्रामीण महिलाओं को सोलर उत्पादों और सेवाओं से जोड़ा जा सके। उन्हें संयंत्रों के संचालन, आवश्यक सावधानियों तथा ग्रामीण स्तर पर सौर सेवाएं उपलब्ध कराने की प्रक्रिया की जानकारी दी जा रही है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्षों की सेवा यात्रा के अवसर पर सेवा, जनकल्याण और आत्मनिर्भरता से जुड़े प्रयासों के बीच धमतरी की यह तस्वीर उल्लेखनीय है। यहां सौर ऊर्जा केवल बिजली का वैकल्पिक स्रोत नहीं बन रही, बल्कि यह आर्थिक बचत, पर्यावरण संरक्षण, ग्रामीण आजीविका और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को एक साथ आगे बढ़ाने का माध्यम बन रही है। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने योजना की प्रक्रिया को समयबद्ध, पारदर्शी और जनसुलभ बनाने तथा लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए हैं। धमतरी में सूर्य की रोशनी अब घरों को रोशन करने के साथ विकास और आत्मनिर्भरता की नई राह भी प्रकाशित कर रही है।









