श्रीरामलला दर्शन योजना : आस्था से अवसर तक, धमतरी के 2000 से अधिक श्रद्धालुओं ने किए प्रभु श्रीरामलला के दर्शन

धमतरी। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना में भगवान श्रीराम के प्रति आस्था का विशेष स्थान है। इसी आस्था को सम्मान देते हुए राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई श्रीरामलला दर्शन योजना प्रदेशवासियों को अयोध्या धाम में प्रभु श्रीरामलला के दर्शन का अवसर उपलब्ध करा रही है। योजना का विधिवत शुभारंभ 5 मार्च 2024 को रायपुर रेलवे स्टेशन से विशेष ट्रेन रवाना किए जाने के साथ हुआ था।
योजना के माध्यम से श्रद्धालुओं को केवल अयोध्या पहुंचने की सुविधा ही नहीं, बल्कि यात्रा के दौरान आवास, भोजन, मंदिर दर्शन तथा आवश्यक व्यवस्थाओं का समेकित पैकेज उपलब्ध कराया जाता है। विशेष ट्रेनों में यात्रियों की सुविधा के लिए टूर एस्कॉर्ट, सुरक्षा कर्मियों और चिकित्सकीय दल की व्यवस्था भी की गई है। योजना के अंतर्गत अयोध्या के साथ काशी विश्वनाथ दर्शन को भी यात्रा का हिस्सा बनाया गया है।

धमतरी जिले के लिए यह योजना आस्था और जनभागीदारी का महत्वपूर्ण माध्यम बनी है। योजना के प्रारंभ से अब तक जिले से 17 यात्राओं के माध्यम से 2,176 श्रद्धालु अयोध्या धाम की यात्रा कर श्रीरामलला के दर्शन का लाभ प्राप्त कर चुके हैं। इनमें ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के श्रद्धालु शामिल हैं। अनेक बुजुर्गों और ऐसे नागरिकों के लिए, जिनके लिए स्वयं के संसाधनों से अयोध्या की यात्रा करना कठिन था, यह योजना धार्मिक यात्रा को सुलभ बनाने का माध्यम बनी है।

योजना के क्रियान्वयन में जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका निर्धारित की गई है। कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति द्वारा पात्र हितग्राहियों के चयन सहित यात्रा संबंधी व्यवस्थाओं का समन्वय किया जाता है। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन ग्राम पंचायत तथा नगरीय निकायों के माध्यम से प्राप्त किए जाते हैं। आवेदकों से नवीनतम रंगीन फोटो, पहचान एवं निवास प्रमाण तथा आपात स्थिति में संपर्क के लिए दो व्यक्तियों की जानकारी ली जाती है। निर्धारित कोटे से अधिक आवेदन होने पर नियमानुसार चयन प्रक्रिया अपनाई जाती है और प्रतीक्षा सूची भी तैयार की जाती है।

योजना में वरिष्ठ नागरिकों को प्राथमिकता का प्रावधान रखा गया है। 55 वर्ष अथवा उससे अधिक आयु के आवेदकों को प्राथमिकता दी जाती है। 65 वर्ष से अधिक आयु के ऐसे वरिष्ठ नागरिक, जो अकेले यात्रा करते हैं, निर्धारित नियमों के तहत सहायक को साथ ले जा सकते हैं। पति-पत्नी के साथ यात्रा, समूह में यात्रा तथा सहायक की पात्रता के लिए भी अलग-अलग प्रावधान निर्धारित हैं। यात्रा से पूर्व यात्रियों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाता है, ताकि यात्रा सुरक्षित और सुगम रहे।
यात्रियों को उनके निवास क्षेत्र से निर्धारित स्थान अथवा रेलवे स्टेशन तक पहुंचाने और यात्रा पूर्ण होने के बाद वापस निर्धारित स्थल तक लाने की जिम्मेदारी भी जिला प्रशासन द्वारा निभाई जाती है। इस प्रकार योजना केवल तीर्थयात्रा तक सीमित नहीं, बल्कि यात्री की सुरक्षा, सुविधा और सम्मानपूर्ण यात्रा को केंद्र में रखकर संचालित की जा रही है।
श्रीरामलला दर्शन योजना ने धमतरी सहित पूरे प्रदेश में श्रद्धालुओं को अपनी आस्था के प्रमुख केंद्र अयोध्या धाम से जुड़ने का अवसर दिया है | राज्य सरकार के अनुसार योजना के माध्यम से अब तक 42 हजार से अधिक श्रद्धालु श्रीरामलला के दर्शन कर चुके हैं।
धमतरी के 2,176 श्रद्धालुओं की यह यात्रा इस बात की साक्षी है कि जब आस्था को सुगम यात्रा, प्रशासनिक सहयोग और जनकल्याण की भावना का साथ मिलता है, तो तीर्थ केवल एक स्थान तक पहुंचना नहीं रह जाता—वह जीवन का स्मरणीय अनुभव बन जाता है।

Hamar Dhamtari
Author: Hamar Dhamtari

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