धमतरी पुलिस की अपराध समीक्षा बैठक आयोजित, लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर विशेष जोर

धमतरी। पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय के निर्देशन में जिले में अपराधों की नियमित समीक्षा, लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण, विवेचना की गुणवत्ता में सुधार तथा तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग को प्राथमिकता देते हुए दिनांक 15 अक्टूबर को अनुविभाग कुरूद एवं धमतरी नगर स्तर पर अपराध समीक्षा बैठकें आयोजित की गईं।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  देव चरण पटेल द्वारा थाना कुरूद में अनुविभाग स्तरीय अपराध समीक्षा बैठक ली गई। बैठक में एसडीओपी कुरूद  रागिनी मिश्रा की उपस्थिति में अनुविभाग के अंतर्गत आने वाले थानों एवं चौकियों में दर्ज अपराधों, लंबित प्रकरणों, अपराध निकाल तथा सीसीटीएनएस के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में थाना प्रभारी कुरूद निरीक्षक कमलेश ठाकुर, थाना प्रभारी मगरलोड निरीक्षक प्रमोद अमलतास, चौकी प्रभारी बिरेझर निरीक्षक समीर तिवारी एवं चौकी प्रभारी करेली बड़ी सउनि. राधेश्याम बंजारे सहित सभी विवेचक एवं सीसीटीएनएस ऑपरेटर उपस्थित रहे।

धमतरी नगर अनुविभाग की अपराध समीक्षा बैठक

इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  देव चरण पटेल के कार्यालय में धमतरी नगर अनुविभाग की अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  देव चरण पटेल एवं नगर पुलिस अधीक्षक  भानुप्रताप चंद्राकर द्वारा थाना कोतवाली, थाना अर्जुनी एवं थाना भखारा के कार्यों की समीक्षा की गई।

बैठक में थाना प्रभारी कोतवाली  राजेश जगत, थाना प्रभारी अर्जुनी  शरद ताम्रकार एवं थाना प्रभारी भखारा  अरुण साहू सहित संबंधित थानों के सभी विवेचक एवं सीसीटीएनएस ऑपरेटर उपस्थित रहे। इस दौरान लंबित प्रकरणों के निराकरण, अपराध निकाल तथा सीसीटीएनएस से संबंधित कार्यों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

दोनों बैठकों में विवेचकों को निर्देशित किया गया कि लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करते हुए उनका प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करें। प्रत्येक प्रकरण में उपलब्ध साक्ष्यों का विधिसम्मत संकलन, तथ्यों का सूक्ष्म परीक्षण तथा निर्धारित समय-सीमा में निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण विवेचना की जाए।

अधिकारियों ने अपराध निकाल की प्रगति पर विशेष ध्यान देते हुए विवेचकों को अपने पास लंबित प्रकरणों की स्थिति से अवगत रहने तथा निराकरण में आने वाली बाधाओं को दूर कर प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। साथ ही, थाना प्रभारियों को अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने एवं कार्यों में अनावश्यक विलंब नहीं होने देने पर जोर दिया गया।

बैठकों में सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम) के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। सीसीटीएनएस ऑपरेटरों को सभी आवश्यक जानकारियों एवं अभिलेखों की प्रविष्टि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सही, पूर्ण एवं समयबद्ध तरीके से करने के निर्देश दिए गए।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि तकनीकी प्रणाली में दर्ज जानकारी की शुद्धता एवं नियमित अद्यतन पुलिस कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसीलिए थाना प्रभारियों एवं संबंधित कर्मचारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए सीसीटीएनएस का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

 

Hamar Dhamtari
Author: Hamar Dhamtari

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