रायपुर। धमतरी जिले में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और पशुपालकों को वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर करने की दिशा में एक सशक्त पहल देखने को मिली है। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिले के सुदूर डुबान क्षेत्र स्थित ग्राम कोलियारी एवं अकलाडोंगरी में विशेष पशुपालन किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य पशुपालन गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ ग्रामीणों को सीधी बैंकिंग सुविधाओं से जोड़कर गांव-गांव में आजीविका के नए अवसर सृजित करना है।
शिविर के दौरान डुबान क्षेत्र के पशुपालकों में खासा उत्साह देखा गया, जहां बैंकिंग और शासकीय योजनाओं का लाभ सीधे हितग्राहियों तक पहुंचाया गया। मौके पर ही पशुपालन ऋण के इच्छुक आवेदकों के दस्तावेजों की समीक्षा की गई और कुल सात पात्र हितग्राहियों के 5 लाख 50 हजार रुपये की राशि के ऋण प्रकरण तैयार किए गए। इस संस्थागत वित्तीय सहायता से पशुपालकों को मवेशियों के आहार, स्वास्थ्य देखभाल, रखरखाव और अन्य दैनिक कार्यशील पूंजी संबंधी आवश्यकताओं को बिना किसी आर्थिक तंगी के पूरा करने में बड़ी मदद मिलेगी।
दरअसल, किसान क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से पशुपालकों को आसान दरों पर ऋण उपलब्ध कराकर पशुपालन को एक लाभप्रद और टिकाऊ व्यवसाय के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। डुबान जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में इस प्रकार के शिविरों का आयोजन ग्रामीण परिवारों को साहूकारी ऋण से मुक्त कराने और उनकी आय में वृद्धि कर स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने में मील का पत्थर साबित हो रहा है।









