धमतरी। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देश पर आज वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय धमतरी में उर्वरक विक्रेताओं की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अनुविभागीय अधिकारी कृषि श्री मनोज सागर ने जिले के समस्त उर्वरक विक्रेताओं को खाद वितरण एवं विक्रय से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में अधिकारियों ने निर्देशित किया कि किसानों को उर्वरकों का वितरण पूरी पारदर्शिता एवं नियमानुसार किया जाए। साथ ही फसलवार अनुशंसा के आधार पर ही उर्वरकों का विक्रय सुनिश्चित करने कहा गया। विशेष रूप से धान फसल के लिए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा अनुशंसित उर्वरक मात्रा की जानकारी विक्रेताओं को दी गई।
अधिकारियों ने बताया कि धान फसल में भूमि की उर्वरता एवं किसानों की आवश्यकता के अनुसार यूरिया, डीएपी, सिंगल सुपर फास्फेट, म्यूरेट ऑफ पोटाश तथा एनपीके उर्वरकों का विक्रय निर्धारित मात्रा में ही किया जाए। इसके साथ ही नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि किसानों को उनकी फसल एवं रकबा के अनुसार ही उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। अनावश्यक भंडारण, कालाबाजारी तथा अधिक मात्रा में विक्रय जैसी गतिविधियों पर पूर्ण रोक लगाने के निर्देश दिए गए। सभी विक्रेताओं को वितरण रजिस्टर का सही संधारण करने एवं प्रतिदिन जानकारी अद्यतन रखने कहा गया।
अनुविभागीय अधिकारी कृषि श्री मनोज सागर ने कहा कि शासन के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए किसानों को समय पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराना सभी विक्रेताओं की जिम्मेदारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी उमा श्रीमाली, कृषि विकास अधिकारी चेस कुमार सर्वा, रामकुमार साहू, कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं जिले के उर्वरक विक्रेता उपस्थित रहे।








