दुर्ग…. छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक बड़ी और काम की खबर है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने शिक्षक भर्ती को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया है। दुर्ग में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने साफ किया कि प्रदेश में शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही पूरा कर लिया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने भरोसा दिलाया है कि इस पूरी भर्ती में पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) अपनी आवश्यक तैयारियां पूरी करने में जुटा है और विभाग द्वारा तय किए गए शेड्यूल के अनुसार ही आगामी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रदेश भर में संचालित स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी और हिंदी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालयों में इस समय करीब 5 हजार शिक्षकों की सख्त आवश्यकता है। पिछले वर्ष भी विभाग द्वारा इन पदों पर भर्ती का एक लक्ष्य तय किया गया था, लेकिन मार्च में परीक्षाएं समाप्त हो जाने के बाद भी पूरी प्रशासनिक प्रक्रिया अटक कर रह गई थी। इस लेटलतीफी के दौरान भर्ती प्रणाली को लेकर कई तरह की शिकायतें और आरोप-प्रत्यारोप भी देखने को मिले थे। इसी पुराने ढर्रे और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस बार भर्ती के नियमों में आमूलचूल बदलाव करने का फैसला किया है।
भर्ती को पूरी तरह विवादों से दूर रखने के लिए राज्य सरकार ने अब पूरी प्रक्रिया को केंद्रीकृत (सेंट्रलाइज्ड) करने का निर्णय लिया है। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के मुताबिक, इस बार भर्ती के लिए एक ही केंद्रीयकृत परीक्षा आयोजित कराई जाएगी, जिसके सफल संचालन और मॉनिटरिंग की पूरी जिम्मेदारी किसी अनुभवी निजी एजेंसी को सौंपी जाएगी। सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था के लागू होने से स्थानीय स्तर पर होने वाली गड़बड़ियों और भाई-भतीजावाद पर पूरी तरह से लगाम कसी जा सकेगी और केवल योग्य उम्मीदवारों का ही चयन होगा।
विभाग की आगामी योजनाओं को साझा करते हुए गजेंद्र यादव ने बताया कि स्वामी आत्मानंद विद्यालयों में 5 हजार संविदा शिक्षकों की यह भर्ती प्रक्रिया संपन्न होते ही विभाग दूसरे चरण पर काम शुरू कर देगा। इसके तुरंत बाद प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं के लिए 5 हजार नए सहायक शिक्षकों की नियमित भर्ती भी निकाली जाएगी। इस प्रकार देखा जाए तो आने वाले कुछ ही महीनों के भीतर अकेले शिक्षा विभाग के अंतर्गत कुल 10 हजार रिक्त पदों पर युवाओं की सीधी नियुक्तियां की जाएंगी, जिससे बेरोजगारों को बड़ा अवसर मिलेगा।







