कुरुद। कुरुद नगर की बेटी अनन्या मगर ने अपनी बौद्धिक क्षमता और शोध कौशल के दम पर उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने इंग्लैंड के कैम्ब्रिज शहर में आयोजित मनोविज्ञान अनुसंधान पर सातवें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में अपना शोधपत्र प्रस्तुत किया। उनका शोध पत्र का विषय क्या खुश और सफल जीवन के लिए विवाह या प्रेम संबंध आवश्यक है। सम्मेलन में इस शोधपत्र का विशेषज्ञों और शिक्षाविदों ने सराहा।
आयोजन संस्था ने अनन्या मगर को प्रमाण पत्र प्रदान करने के साथ साथ उनके शोध पत्र के प्रकाशन का भी सुझाव दिया है। अनन्या का शोध अमाटोनामेर्टिविटी नामक सामाजिक अवधारणा पर आधारित है। यह अवधारणा उस सोच को दर्शाती है, जिसमें यह माना जाता है कि किसी व्यक्ति की ख़ुशी, सफलता और जीवन की पूर्णता केवल प्रेम संबंध या विवाह के माध्यम से ही संभव है। अपने शोध में अनन्या ने सामाजिक परिवेश का अध्ययन करते हुए यह समझाने का प्रयास किया कि किस प्रकार यह सोच लोगों के व्यक्तिगत निर्णयों, मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक जीवन को प्रभावित करती है। गौरव की बात यह है कि अमाटोनामेर्टिविटी विषय पर यह विश्व का तीसरा और भारत पहला शोध पत्र माना जा रहा है, जिसने भारतीय संदर्भों को अन्तर्राष्ट्रीय अकादमिक मंच तक पहुंचाने का काम किया है।








