शिक्षा की गुणवत्ता पर जिला पंचायत सीईओ का फोकस, कमजोर प्रदर्शन पर सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश
धमतरी। जिले की शिक्षा व्यवस्था में और व्यापक सुधार और शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयंत नाहटा ( आई.ए.एस.) ने शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रत्येक विद्यार्थी तक समय पर सभी शासकीय सुविधाएं पहुंचाना अधिकारियों की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।
जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में श्री नाहटा ने विद्यालयवार परीक्षा परिणाम, शिक्षकों की उपस्थिति, पाठ्यपुस्तक एवं गणवेश वितरण, साइकिल वितरण, आरटीई प्रवेश, पीएम श्री एवं समग्र शिक्षा के निर्माण कार्यों सहित विभाग की विभिन्न योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों का परीक्षा परिणाम कमजोर रहा है, वहां विशेष कार्ययोजना बनाकर अतिरिक्त कक्षाएं संचालित की जाएं, कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर नियमित मार्गदर्शन दिया जाए तथा प्रत्येक स्तर पर सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
सीईओ ने स्पष्ट निर्देश दिए कि हर बीईओ प्रत्येक माह कम से कम दो विद्यालयों का अनिवार्य निरीक्षण करेंगे तथा फोटोग्राफ सहित विस्तृत प्रतिवेदन जिला कार्यालय को भेजेंगे। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, अनुपस्थित या लापरवाह पाए जाने वाले कर्मचारियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के अंतर्गत संचालित केंद्रीकृत रसोई की समीक्षा करते हुए उन्होंने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, स्वच्छ एवं समय पर मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। साथ ही निर्देश दिए कि निःशुल्क पाठ्यपुस्तक, गणवेश एवं अन्य शैक्षणिक सामग्री तत्काल विद्यार्थियों तक पहुंचाई जाए, ताकि पढ़ाई प्रभावित न हो।
बैठक में युक्तियुक्तकरण के बाद विद्यालयों की स्थिति, पीएम श्री एवं समग्र शिक्षा के निर्माण कार्य, एफएलएन मिशन, मुस्कान पुस्तकालय, समावेशी शिक्षा, उपचारात्मक शिक्षा, बचपन डिजिटल, विज्ञान गतिविधियों, राष्ट्रीय आविष्कार अभियान, विद्यांजलि, मोर बालवाड़ी सहित विभिन्न योजनाओं की भी समीक्षा की गई। श्री नाहटा ने सभी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, विद्यालयों में नवाचार, तकनीक आधारित शिक्षण और विज्ञान गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालयों में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित कराने तथा आवश्यक उपचार सुनिश्चित करने पर भी बल दिया।
बैठक के अंत में सीईओ श्री जयंत नाहटा ने कहा कि जिले की शिक्षा व्यवस्था में अपेक्षित सुधार केवल नियमित निरीक्षण, जवाबदेही, सतत मॉनिटरिंग और सभी अधिकारियों-शिक्षकों के समन्वित प्रयासों से ही संभव है। उन्होंने विद्यार्थियों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए सभी अधिकारियों को पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी मधुलिका तिवारी सहित शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।









