धमतरी। धमतरी जिले में शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के दो प्राचार्यों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उनकी एक वार्षिक वेतन वृद्धि (असंचयी प्रभाव से) रोकने का प्रस्ताव भेजा है।
कलेक्टर श्री मिश्रा द्वारा 13 जनवरी को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सेमरा बी (विकासखंड—कुरूद) तथा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, छाती (विकासखंड—धमतरी) का आकस्मिक निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान दोनों विद्यालयों में अर्धवार्षिक परीक्षा के परिणाम निराशाजनक पाए गए। साथ ही, प्राचार्य छात्र-छात्राओं के वास्तविक परिणामों की स्पष्ट जानकारी देने में असमर्थ रहे। आगामी वार्षिक परीक्षा की तैयारियां भी मानक स्तर की नहीं पाई गईं।
इन गंभीर कमियों को देखते हुए कलेक्टर ने अंजना दुबे, प्राचार्य, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सेमरा बी तथा चैनदास रात्रे, प्राचार्य, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय छाती की एक वार्षिक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने का प्रस्ताव संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय, रायपुर को प्रेषित किया है।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने स्पष्ट कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों के भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि बोर्ड परीक्षाओं (10वीं एवं 12वीं) की तैयारी में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं शिक्षकों के विरुद्ध आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी।

