mahasamund : छिलपावन में सूकरों में अफ्रीकन स्वाइन फीवर की पुष्टि

मनीष सरवैया@ महासमुंद। महासमुंद जिले के झलप क्षेत्र के ग्राम छिलपावन में सूकरों में अफ्रीकन स्वाइन फीवर (ASF) की पुष्टि हुई है पशु चिकित्सा सेवाएं छत्तीसगढ़ से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर NIHSAD भोपाल ने अफ्रीकन स्वाइन फीवर की पुष्टि की है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अफ्रीकन स्वाइन फीवर सूकरों में होने वाला अत्यधिक संक्रामक विषाणुजनित रोग है। आदेश में यह भी उल्लेख है कि यह रोग सूकरों से मनुष्यों में नहीं फैलता।
जिला प्रशासन ने संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण के लिए प्रभावित क्षेत्र में व्यापक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं महासमुंद को संक्रमित जोन में उपलब्ध सूकरों की कलिंग, सर्विलेंस और सैनिटाइजेशन की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रभावित पशुपालकों के सूकरों और उनके आहार का विनिष्टीकरण भी किया जाएगा तथा इसके लिए शासन द्वारा निर्धारित दर के अनुसार क्षतिपूर्ति का प्रावधान रखा गया है। संक्रमित क्षेत्र के आसपास 1 किलोमीटर तक के क्षेत्र को ‘इन्फेक्टेड जोन’ तथा 1 से 10 किलोमीटर तक के क्षेत्र को ‘सर्विलेंस जोन’ घोषित किया गया है। इन्फेक्टेड जोन में क्वारेंटाइन और आवश्यक कार्रवाई के साथ सूकर एवं सूकर उत्पादों की बिक्री से जुड़ी दुकानों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। संक्रमित क्षेत्र से 10 किलोमीटर जोन में जीवित सूकरों तथा उनके उत्पादों की आवाजाही पूरी तरह बंद रखने की कार्रवाई संबंधित तहसीलदार, पुलिस और परिवहन अधिकारियों के माध्यम से की जाएगी।
संक्रमित जोन के सूकरों की कलिंग रैपिड रिस्पांस टीम के माध्यम से कराई जाएगी। मृत सूकरों और कलिंग किए गए सूकरों के साथ संक्रमित सूकर आहार के डिस्पोजल एवं डिसइन्फेक्शन की कार्रवाई भी निर्धारित राष्ट्रीय कार्ययोजना के अनुसार की जाएगी। जिला प्रशासन ने कलिंग, डिस्पोजल, डिसइन्फेक्शन और सर्विलेंस से संबंधित कार्रवाई की प्रतिदिन रिपोर्टिंग करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अफ्रीकन स्वाइन फीवर के नियंत्रण, रोकथाम और उन्मूलन के लिए केंद्र सरकार की National Action Plan for Control, Containment and Eradication of African Swine Fever June 2020 के अनुरूप अन्य आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।

Hamar Dhamtari
Author: Hamar Dhamtari

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