स्थानीय संसाधन, कौशल और शासकीय योजनाओं के अभिसरण से रोजगार एवं आजीविका के अवसर बढ़ाने पर जोर
धमतरी । कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने आज कुरूद विकासखंड के विभिन्न ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों का भ्रमण कर राज्य एवं केंद्र सरकार की योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर योजनाओं से मिल रहे लाभ, स्थानीय आवश्यकताओं तथा विकास की संभावनाओं की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं के अभिसरण के माध्यम से क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप ठोस एवं परिणाममूलक कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध ढंग से कार्य करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयंत नाहटा एवं वनमंडलाधिकारी श्रीकृष्ण जाधव सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए स्थानीय संसाधनों, मानव संसाधन और उपलब्ध अधोसंरचना को आपस में जोड़ते हुए रोजगार एवं आजीविका के स्थायी अवसर विकसित करना आवश्यक है। उन्होंने शिक्षा, सौर ऊर्जा, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, वानिकी, पर्यटन, महिला स्व-सहायता समूहों, कौशल विकास, रोजगार तथा अधोसंरचना से संबंधित गतिविधियों को स्थानीय आवश्यकताओं से जोड़कर आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।
‘सोलर दीदी’ से ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को मिलेगा रोजगार का नया अवसर
कुरूद स्थित प्रथम अरोरा शिक्षण केंद्र में कलेक्टर ने ‘सोलर दीदी’ पहल के माध्यम से स्थानीय महिलाओं एवं युवाओं को सोलर पैनल के बेसिक प्रशिक्षण एवं ओरिएंटेशन से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्रशिक्षण की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि स्थानीय स्तर पर सौर ऊर्जा से जुड़ा कुशल मानव संसाधन तैयार किया जा सके।
उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा के क्षेत्र में प्रशिक्षित स्थानीय युवा एवं महिलाएं सोलर पैनल की स्थापना, रखरखाव एवं अन्य संबंधित सेवाओं के माध्यम से गांव स्तर पर ही रोजगार और स्वरोजगार प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने प्रशिक्षण के साथ प्रतिभागियों को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने की ठोस व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए।
ग्रामीण युवाओं के लिए शिक्षा और पुस्तकालय सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर
भ्रमण के दौरान कलेक्टर ने लायब्रेरी एवं अध्ययन सुविधाओं को भी ग्रामीण विकास की महत्वपूर्ण गतिविधि के रूप में आगे बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तथा शांत एवं सुविधाजनक अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराना आवश्यक है।
उन्होंने अधिकारियों को क्षेत्र की आवश्यकता के अनुरूप लायब्रेरी सुविधाओं के विकास, आवश्यक पुस्तकों एवं अध्ययन सामग्री की उपलब्धता तथा युवाओं की अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बेहतर पुस्तकालय सुविधाएं ग्रामीण युवाओं को शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करेंगी।
आधुनिक तकनीक से कृषि को अधिक लाभकारी बनाने पर जोर
भ्रमण के दौरान एग्री पायलट के माध्यम से कृषि क्षेत्र में नवाचार एवं आधुनिक तकनीकों के उपयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। कलेक्टर ने कृषि विभाग के अधिकारियों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप तकनीक एवं नवाचार को बढ़ावा देने, किसानों को तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराने तथा कृषि को अधिक उत्पादक, टिकाऊ एवं आय आधारित बनाने के लिए प्रभावी पहल करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि कृषि आधारित गतिविधियों में उत्पादन के साथ-साथ संग्रहण, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन को भी जोड़ना जरूरी है, ताकि किसानों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य मिल सके और ग्रामीण स्तर पर रोजगार के नए अवसर विकसित हों।
बगौद में मेगा फूड पार्क की संभावनाओं को लेकर कार्ययोजना बनाने के निर्देश
ग्राम पंचायत बगौद में मेगा फूड पार्क की संभावनाओं का अवलोकन करते हुए कलेक्टर ने कृषि एवं स्थानीय उत्पादों के मूल्य संवर्धन की दिशा में कार्य करने पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को क्षेत्र में उपलब्ध कृषि उत्पादों एवं स्थानीय संसाधनों का आकलन कर व्यवहारिक प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण गतिविधियों को बढ़ावा मिलने से उत्पादन, संग्रहण, प्रसंस्करण, पैकेजिंग, परिवहन और विपणन से जुड़े रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
मातंगी फॉरेस्ट गार्डन में पौधरोपण एवं पर्यटन गतिविधियों पर जोर
जीजामगांव स्थित मातंगी फॉरेस्ट गार्डन में प्लांटेशन एवं अन्य विकासात्मक गतिविधियों की संभावनाओं का जायजा लेते हुए कलेक्टर ने हरित क्षेत्र के विस्तार के साथ पर्यावरण संरक्षण, सौंदर्यीकरण, स्थानीय पर्यटन तथा रोजगार से जुड़ी गतिविधियों को विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने क्षेत्र की क्षमता एवं आवश्यकताओं का आकलन कर मोंहरेंगा प्रोजेक्ट के आधार पर प्राक्कलन तैयार करने तथा चरणबद्ध तरीके से कार्य आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
बिहान मार्ट से महिला स्व-सहायता समूहों को मिलेगा बेहतर बाजार
चटौद स्थित बिहान मार्ट का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों की गुणवत्ता, विविधता, पैकेजिंग एवं बाजार की संभावनाओं की जानकारी ली। उन्होंने महिलाओं से संवाद कर उनकी चुनौतियों और उत्पादों की बिक्री से संबंधित जानकारी भी प्राप्त की।
उन्होंने उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार, आकर्षक पैकेजिंग, ब्रांडिंग एवं व्यापक बाजार से जोड़ने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिहान मार्ट जैसे स्थानीय बाजार केंद्र महिला समूहों के उत्पादों को उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के प्रभावी माध्यम बन सकते हैं। इससे महिलाओं की आय में वृद्धि के साथ उनके आर्थिक स्वावलंबन को मजबूती मिलेगी।
ग्रीन पटाखा निर्माण से जुड़ी महिलाओं से की चर्चा
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने ग्रीन पटाखे बनाने में जुटी महिलाओं से बातचीत कर उनकी गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने ग्रीन पटाखा फोड़कर उसका अवलोकन भी किया। कलेक्टर ने पर्यावरण संरक्षण के साथ रोजगार एवं आजीविका से जोड़कर ऐसी गतिविधियों को विस्तार देने के निर्देश दिए।
स्थानीय कौशल के अनुरूप रोजगार के अवसर विकसित करने पर बल
खुरसेंगा क्षेत्र में टेक्स्ट प्रोजेक्ट के तहत स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ने की संभावनाओं की जानकारी लेते हुए कलेक्टर ने उपलब्ध मानव संसाधन एवं स्थानीय कौशल का बेहतर उपयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण युवाओं एवं स्थानीय लोगों की क्षमता का आकलन कर उन्हें प्रशिक्षण, रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने की दिशा में ठोस पहल की जानी चाहिए।
बंधवा तालाब के सौंदर्यीकरण को विकास गतिविधि के रूप में लेने के निर्देश
कलेक्टर ने बंधवा तालाब के सौंदर्यीकरण को भी केंद्रित विकास गतिविधि के रूप में शामिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने तालाब एवं आसपास के क्षेत्र के पर्यावरणीय, सामाजिक एवं पर्यटन संबंधी महत्व को ध्यान में रखते हुए सौंदर्यीकरण, स्वच्छता, हरित क्षेत्र विकास तथा जनोपयोगी सुविधाओं की संभावनाओं का परीक्षण करने कहा।
उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रस्तावित कार्य केवल निर्माण तक सीमित न रहें, बल्कि उनके दीर्घकालिक रखरखाव, स्थानीय सहभागिता, रोजगार सृजन और उपयोगिता को भी कार्ययोजना में शामिल किया जाए। योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूर्ण करने तथा प्रत्येक गतिविधि के स्पष्ट परिणाम सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
कलेक्टर ने कहा कि स्थानीय संसाधन, स्थानीय कौशल और शासकीय योजनाओं का प्रभावी अभिसरण ग्रामीण विकास को नई दिशा दे सकता है। इसी दृष्टिकोण के साथ क्षेत्र की संभावनाओं को चिन्हित कर योजनाबद्ध एवं परिणाममूलक कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाए।










