बिलासपुर। छत्तीसगढ़ बिलासपुर जिले के शासकीय स्कूलों में विषय-विशेषज्ञ शिक्षकों के पद खाली होने के कारण छात्रों का भविष्य अधर में लटका हुआ था। चालू शिक्षण सत्र के बीच और आने वाली तिमाही परीक्षाओं के मुहाने पर खड़े बच्चों की पढ़ाई ठप पड़ी थी। इस गंभीर संकट को देखते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल ने सख्त रुख अपनाया और स्थानीय शिक्षित बेरोजगार युवाओं को मानदेय पर नियुक्त करने का बड़ा फैसला सुनाया।
एकल और हाई स्कूलों को प्राथमिकता, संकुल स्तर पर होगा चयन
इस योजना के तहत जिले के हाई, हायर सेकेंडरी तथा ऐसे प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय जो केवल एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर विषय शिक्षकों की तैनाती की जाएगी। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए संकुल प्राचार्यों को नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। स्थानीय पात्र युवाओं की शैक्षणिक योग्यता की जांच और मूल दस्तावेजों का सत्यापन संकुल स्तर पर ही पूरा किया जाएगा।
व्यवस्था को तेजी से अमलीजामा पहनाने के लिए विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने सभी प्राचार्यों और समन्वयकों को समय-सीमा जारी कर दी है। इसके तहत स्कूलों में संभावित कालखंडों और चयनित युवाओं का पूरा ब्यौरा 14 सितंबर तक बीईओ दफ्तर में जमा कराना अनिवार्य किया गया है, ताकि पूरे ब्लॉक का एकमुश्त प्रस्ताव स्वीकृति के लिए आगे भेजा जा सके।









