धमतरी। धमतरी के भोयना गांव से 15 फरवरी को 14 साल के बच्चे के अपहरण की कहानी मनगढ़त निकली। दरअसल इस बच्चे ने अपने अपहरण की कहानी खुद रची थी।
पुलिस ने घटना के तारीख और टाइमिंग के हिसाब से पूरे रास्ते के सीसीटीवी फुटेज खंगाले. बच्चे ने बताया था कि दोपहर साढ़े 3 बजे उसका अपहरण किया गया था, जबकि धमतरी बस स्टैंड के सीसीटीवी कैमरे में सवा 4 बजे वो धमतरी में दिखाई दे रहा है. बस पुलिस ने इस सुराग को पकड़ा और कहानी खोल दी. बच्चा खुद अपने घर से 500 रुपये लेकर निकला था.
लोकल बस में बैठ कर धमतरी बस स्टैंड पहुचा. यहां से उसने जगदलपुर जाने वाली बस में टिकट कटाई और पहुंच गया जगदलपुर. वहां उसे भटकते हुए जब स्थानीय पुलिस ने देखा तो पूछताछ की. खाना खिलाया और घर वालों को सूचना देकर बुलवाया. इसी बीच बच्चे ने किडनैपिंग की कहानी दिमाग में रच डाली, जिसे उसने अपने परिजनों को सुनाया और पुलिस में भी वही बयान दिया.लोकल बस में बैठ कर धमतरी बस स्टैंड पहुचा. यहां से उसने जगदलपुर जाने वाली बस में टिकट कटाई और पहुंच गया जगदलपुर. वहां उसे भटकते हुए जब स्थानीय पुलिस ने देखा तो पूछताछ की. खाना खिलाया और घर वालों को सूचना देकर बुलवाया. इसी बीच बच्चे ने किडनैपिंग की कहानी दिमाग में रच डाली, जिसे उसने अपने परिजनों को सुनाया और पुलिस में भी वही बयान दिया.



