रायपुर। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत एनसीईआरटी परख नई दिल्ली के निर्देशानुसार 05 दिवसीय कार्यशाला सह प्रशिक्षण का आयोजन छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल रायपुर के सभाकक्ष में किया जा रहा है । प्रथम दो दिवसीय 03 एवं 04 फरवरी को होलिस्टिक प्रोगेस कार्ड (HPC) एवं 05 से 07 फरवरी 2025 तीन दिवसीय कार्यशाला सह प्रशिक्षण प्रश्न पत्र टेम्पलेट (QPT) का मानकीकरण हेतु एनसीईआरटी परख के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर इंन्द्राणी भादुरी के मार्गदर्शन में एवं एनसीईआरटी परख नई दिल्ली से उपस्थित 03 रिसोर्स परसन के द्वारा प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यशाला की शुरुआत सरस्वती वंदना संजय दास एवं राजेन्द्र प्रेमी द्वारा स्वरचित PARAKH के उद्देश्य क्या है? गीत की बेहतरीन प्रस्तुति हुई। कार्यशाला के द्वितीय दिवस पर डॉ माधुरी बोरकर एवं डॉक्टर रितु श्रीवास्तव के द्वारा एनसीआरटी से आए हुए एक्सपर्ट के साथ मिलकर प्रश्न पत्र योजना कैसे बनाया जाता है उसके कौन-कौन से साथ स्टेप्स हैं ब्लूप्रिंट निर्माण की प्रक्रिया एवं प्रश्न पत्र निर्माण के समय किन बातों का ध्यान रखा जाना चाहिए तथा प्रश्न पत्र की वैधता विश्वसनीय और प्रयोगिकता पर की गई। इस कार्यशाला के पूर्व रायपुर जिले से यह दोनों शिक्षक नई एनसीईआरटी नई दिल्ली परख में जाकर भी क्वेश्चन पेपर टेंप्लेट पर प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं।
प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए माध्यमिक शिक्षा मंडल सचिव श्रीमती पुष्पा साहू ने कहा कि होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन के मूल्यांकन का एक नया तरीका है । होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड के माध्यम से विद्यार्थियों के समग्र मूल्यांकन किया जायेगा । बच्चों के विकास के समस्त पहलुओं पर ध्यान केन्द्रित करना है। इस कार्यशाला सह प्रशिक्षण में छत्तीसगढ़ राज्य के सभी जिले से 2-2 शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर्स के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है। प्रशिक्षण प्राप्त कर नये शिक्षा सत्र में सभी मास्टर ट्रेनर अपने-अपने जिले में हाई/हायर सेकण्डरी स्कूलों के प्राचार्यों, व्याख्याताओं को प्रशिक्षण प्रदान करेंगे । एनसीईआरटी परख के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर इंन्द्राणी भादुरी ने प्रशिक्षणार्थियों को सम्बोधित करते हुए समतुल्यता की आवश्यकता एवं डिजिटल अधिगम की अनिवार्यता पर विस्तार से प्रकाश डाला और बताया कि माध्यमिक स्तर पर एचपीसी की आवश्यकता क्यों है । समाज व समुदाय अधारित प्रोजेक्ट पर विस्तार से चर्चा की गई।
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की अध्यक्ष रेनू पिल्लई एवं सचिव पुष्पा साहू के द्वारा सभी शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के आधार पर कक्षा शिक्षण में सुधार की आवश्यकता आकलन एवं मूल्यांकन के परस्पर संबंध पर दिशा निर्देश दिया गया । उपसचिव श्री जे०के०अग्रवाल ने सभी प्रशिक्षणार्थी को पूर्णरूप सेb एकाग्रचित होकर अधिगम की सलाह दी। नकारात्मक सोच को त्यागकर अपने प्रभाव क्षेत्र में सर्वोत्तम कार्य करने का सुझाव दिये। NEP- 2020 के नोडल अधिकारी डॉ.प्रदीप कुमार साहू सहायक प्राध्यापक द्वारा कार्यक्रम का सफलता पूर्वक संचालन किया गया ।प्रशिक्षण सहकार्यशाला में सहायक प्राध्यापक प्रीति शुक्ला, मनीषि सिंह, शिवा सोमवंशी सहित मण्डल के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।




