छत्तीसगढ़ में रेशम की गतिविधियाँ विशेषकर दूरस्थ आदिवासी अंचलों में रोजगार सृजन का सशक्त माध्यम बनी हैं। वर्तमान में लगभग 78 हजार ग्रामीण महिलों एवं पुरुषों रेशम विभाग की विभिन्न गतिविधियों से जुड़कर स्व-रोजगार प्राप्त कर रहे हैं और आर्थिक रूप से सशक्त बन रहे हैं।
राज्य में टसर कीट पालन को बढ़ावा देने के लिए लगातार पौधारोपण और प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। “मेरा रेशम मेरा अभिमान” कार्यक्रम के अंतर्गत वैज्ञानिकों ने ग्रामीणों को नवीनतम तकनीकों की जानकारी दी और उनके प्रश्नों के सरल समाधान भी प्रस्तुत किए जा रहे हैं।
इस दौरान रायगढ़ जिले को “उत्कृष्ट जिला” तथा श्री ललित गुप्ता (ग्राम आमाघाट, तमनार, रायगढ़) को “उत्कृष्ट कृषक” पुरस्कार से सम्मानित किया गया। श्री गुप्ता लंबे समय से टसर कृमिपालन से जुड़े हैं और अपने क्षेत्र में प्रेरणास्रोत बने हुए हैं।




