धमतरी। जिले में भूमि एवं जल संरक्षण के साथ-साथ किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से फसल चक्र परिवर्तन अभियान को गति दी जा रही है। जिला प्रशासन, कृषि विभाग और संबंधित विभागों के समन्वय से किसानों को ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर दलहनी, तिलहनी, लघु धान्य और मक्का जैसी कम जल मांग वाली फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
धमतरी जिले में कुल 1,58,180 किसान हैं, जो कृषि व्यवस्था की रीढ़ हैं। जिले में मुख्य सिंचाई साधन नहरें हैं, जबकि लगभग 30,000 नलकूपों से भूमिगत जल का उपयोग भी किया जाता है। लगातार गिरते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने किसानों के बीच जल संरक्षण को बढ़ावा देने और फसल चक्र परिवर्तन अपनाने हेतु व्यापक जागरूकता अभियान शुरू किया है।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कृषि विभाग के अधिकारियों और मैदानी अमलों को निर्देश दिए हैं कि जिले के प्रत्येक विकासखंड के कम से कम 10 गांवों में शत-प्रतिशत फसल चक्र परिवर्तन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि धान के स्थान पर दलहनी, तिलहनी और मक्का फसलों की खेती करने वाले किसानों को प्रोत्साहन और सम्मान प्रदान किया जाएगा। इस पहल के तहत ग्राम पंचायतों से प्रस्ताव पारित कर फसल चक्र परिवर्तन को संधारित करने के निर्देश दिए गए हैं। कृषि विभाग को गांव-गांव में जागरूकता शिविर, ऋण वितरण और बीज वितरण शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसान विभागीय योजनाओं का लाभ ले सकें।




