धमतरी जिले के 8977 किसान अभी भी धान बेचने के लिए अपने बारी का कर रहे हैं इंतजार

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कल – पारसो में कट जाएगा टोकन – धमतरी कलेक्टर

धान खरीद के लिए बचे हैं मात्रा 3 दिन
धमतरी…. धान खरिदी के लिए अब मात्रा 3 ही बचे हैं, और अभी भी धमतरी जिले के 8977 किसान अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं l मतलब इनका अभी तक टोकन नहीं कटा है l किसानों के घरों में जाकर भौतिक सत्यपान का खेल अभी भी जारी है l भाजपा का घोषना पत्र या मोदी की गारंटी जिसमें किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान 3100 रुपये में खरीदने की बात कही गई है पूरी तरह झूठी साबित हो रही है l जिले के किसान और भाजपा के नाराज कार्यकर्ता भी अब दबी जुबान कह रहे हैं कि अगली बार चुनाव के समय जब पार्टी अपना घोषना पत्र बनाए तो इन्ही अधिकारियों से पूछ कर बनाए जो धान खरीदी की व्यवस्था को निर्देशित कर रहे हैं l
झूठ बोल रहे हैं डी एम ओ
जिला विपनन अधिकारी सुनील सिंह राजपूत से जब इस संबंध में पूछा गया तो उन्होने कहा धान खरीद के लिए शेष टोकन 27 तारीख से शुरू किया जाएगा l जबकी किसी भी समिति में 27 तारीख को टोकन नहीं कटा l
जब उनसे पूछा गया कि धमतरी जिले में ऐसे किसानों की संख्या कितनी होगी जिनका एक बार भी टोकन नहीं कटा है तो उनका कहना था कि इसकी पूरी जानकारी अभी मेरे पास नहीं है l

क्या कहते हैं प्रशास्निक आंकडे –
पंजिकृत किसान – 129329 , पंजिकृत रकबा – 127514.57 हैक्टर
1 हेक्टेयर में 51.89 क्विंटल धान बिकाना है जिसके हिसाब से 66 लाख 16 हजार 727.9239 क्विंटल धान की खरीद होनी चाहिए l जबकी सरकारी आंकड़ों के हिसाब से अभी तक 56 लाख 85 हजार 798 क्विंटल धान खरीद गया है l सरकारी आंकड़ों के अनुसार अभी भी 9 लाख 30 हजार 929.9239 क्विंटल धन अभी भी खरीदा जाना शेष है l
अधिकारियो के आंकड़ों के अनुसार जिले के 96300 किसानों ने 8896.53 हेक्टेयर रकबा समर्पित किया है l
अभी भी जिले के 8977 किसान अपना धान नहीं बेच पाए हैं l जो सरकार की इस बार की धान खरीदी व्यवस्था से बहुत नाराज है l

सहकारी समिति कुरूद के पूर्व अध्यक्ष चन्द्रशेखर चंद्राकर का कहना है कि जब किसानों का गिरदावरी किया जा चुका है तो उसके हिसाब से किसानों का पूरा धान खरीदा जाना चाहिए l किसान कहां धान रखा है, खेत में रखा है, कि ब्यारा में रखा है, कि पड़ोस के घर में रखा है … इतना सब जांच पड़ताल करने की जरूरत नहीं होनी चाहिए l भाजपा में आरएसएस के आदमी भी किसान हैं, वे भी इस व्यवस्था से बहुत नाराज हैं l ऐसे में पार्टी की छवि बहुत खराब हो रही है l

जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अध्यक्ष निरंजन सिन्हा का कहना है कि टोकन काटना राजस्व अधिकारियों का काम है, तहसीलदार, एसडीएम, कलेक्टर की जिम्मेदारी है। उन्होने कहा कि हमारा काम जितने भी किसानों का टोकन कटा है उनका पुरा धान खरीदाना और उसका भुगतान करना है l जितने भी किसानों का टोकन कटेगा उनका धान खरीदा जाएगा l

जब धमतरी कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा से पूछा गया की धान खरीद के लिए अब मात्र 3 दिन ही शेष रह गया हैं और आपके सरकारी आँकड़ों के अनुरूप है अभी भी 8977 किसान अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं l किसान जानना चाहते हैं उनके धान का टोकन कब कटेगा और धान कब बिकेगा ?
इसके जवाब में कलेक्टर  ने कहा कि पिछले साल इनमें से 6000 किसानों ने धान नहीं बेचा था। उन्होने कहा कि समितियों की सीमा बढ़ा दी गई है कल- परसो तक टोकन कट जाएगा l

उनसे पूछा गया कि अभी भी लगभग 6000 किसान ऐसे हैं जिन्होंने एक बार भी धान नहीं बेचा है l तो उनका जवाब था कि पिछले साल न बेचने वाले 4000 इसमें शामिल हैं। उनका कहना है कि प्रदेश में सबसे ज्यादा 97% धान खरीदी धमतरी जिले की है।

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