धान खरीदी में अव्यवस्था पर विपक्ष ने लाया स्थगन, गर्भगृह में घुसे सभी सदस्य निलंबित

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रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज विपक्ष ने धान खरीदी में अव्यवस्था के कारण किसानों को होने वाली समस्या पर स्थगन प्रस्ताव लाकर चर्चा कराने की मांग की। विपक्ष के स्थगन को आसंदी ने खारिज करते हुए चर्चा की अनुमति नहीं दी। इससे असंतुष्ट विपक्ष के सभी सदस्य गर्भगृह में जाकर नारेबाजी करने लगे जिससे विपक्ष के सभी विधायक सदन की कार्यवाही से निलंबित हो गए।

सदन में शून्यकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत, भूपेश बघेल, उमेश पटेल, संगीता सिन्हा, राघवेन्द्र सिंह समेत अन्य कांग्रेस विधायकों से प्रदेश भर में इस समय 2 लाख से अधिक किसानों का धान नहीं बिकने की जानकारी देते हुए इसके लिए सरकार की व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराया। कांग्रेस विधायकों ने सदन में चर्चा के दौरान बताया कि कई स्थानों में धान नहीं बिकने से किसानों को आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा। आज भी प्रदेश में पंजीकृत दो लाख से अधिक किसानों का धान नहीं बिक पाया है जिससे वह काफी परेशान हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इसके अलावा बहुत सी बातें है जिसे चर्चा के दौरान सभी सदस्य सदन में लाना चाहते हैं इसलिए स्थगन को स्वीकार कर इस पर चर्चा कराएं।

सभी विपक्षी सदस्यों की बातें सुनने के बाद आसंदी पर बैठे सभापति धरमलाल कौशिक ने विपक्ष का स्थगन प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया। इससे नाराज विपक्ष के सभी सदस्य नारेबाजी करते हुए गर्भगृह में घुस आए। इस पर सदन के नियमानुसार सभापति ने सभी सदस्यों के निलंबन की घोषणा कर दी। इसके बाद सभी सदस्य किसान विरोधी सरकार नहीं चलेगी, किसानों का धान लेना होगा जैसे नारे लगाते हुए सदन से बाहर चले गए। थोड़ी देर बाद ही आसंदी ने सभी विपक्षी सदस्यों का निलंबन समाप्त कर दिया परंतु काफी देर तक कांग्रेस विधायक सदन में वापस नहीं आए।

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