रायपुर। रामकृष्ण केयर अस्पताल के सेप्टिक टैंक में सफाई करने उतरे तीन मजदूरों की जहरीली गैस से दम घुटने के कारण मौत हो गई। मामले में पुलिस ने 3 दिन बाद अब अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ भी मामला दर्ज कर लिया है और एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा भी जोड़ दी गई है।
मिली जानकारी के अनुसार 17 मार्च को भाठागांव के बीएसयूपी कॉलोनी निवासी तीन मजदूर प्रशांत कुमार, अनमोल मचकनऔर गोविंद सेंद्रे काम पर गए थे।| इस दौरान तीनों अस्पताल के करीब 50 फीट गहरे सेप्टिक टैंक में सफाई के लिए उतरे। टैंक में जहरीली गैस निकासी का कोई पाइप तक नहीं था। सिर्फ ढाई फीट चौड़े गोल रास्ते से उन्हें नीचे भेजा गया। ठेकेदार ने उन्हें न ऑक्सीजन मास्क दिया, न सेफ्टी बेल्ट, न रस्सी और न ही कोई सुरक्षा उपकरण। बिना किसी पर्यवेक्षक के सीधे टैंक में उतार दिया गया। नीचे पहुंचते ही जहरीली गैस से उनका दम घुट गया। वे ऊपर कोई सिग्नल भी नहीं दे पाए और तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे के तुरंत बाद पुलिस ने सफाई का ठेका लेने वाले किशन सोनी के खिलाफ लापरवाही की धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी। परिजनों और सामाजिक संगठनों की लगातार मांग के बाद अब पुलिस ने रामकृष्ण केयर अस्पताल प्रबंधन को भी आरोपी बनाया है। 3 दिन बाद अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है और एससी/एसटी एक्ट की धारा जोड़ी गई है।




