रिसई माता के जहां गिरे थे आंसू आज भी बहता है वहां पानी

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नगरी @ रिजवान मेमन। सिहावा क्षेत्र को ऋषि-मुनियों का गढ़ माना जाता है और यह क्षेत्र धर्म आस्था का केन्द्र है। इस क्षेत्र में ऐसे कई जगह है, जहां देवी देवताओं के किस्से है, इनके प्रमाण भी है जहां आज क्षेत्र वासी आस्था के साथ जाते हैं और अपनी मनोकामना पूरी करते हैं। यह क्षेत्र जंगल-पहाड़ से घिरा हुआ है और इन्हीं जंगलों-पहाड़ों में आज भी देवी-देवताओं ऋषि मुनियों के वास का स्थान है, जो क्षेत्र वासियों के आस्था का केन्द्र है।

ठीक ऐसा ही लोगों का आस्था है सोन्ढूर डैम के अंतिम छोर पहाड़ व घने जंगल में एक देवी बैठ कर रो रही थी, जहां कुछ देवता आये और कहने लगे देवी यहां आपको कोई नहीं जानता, आप हमारे साथ चलो वहां आपका मान सम्मान होगा और पूजा अर्चना होगी। आप उस क्षेत्र वासियों की पीड़ा को दूर करना, उनको हर प्रकोप से बचाना, जिसके बाद उसे रिसगांव के तालाब के पास लाया गया और वहां पर उनकी पूजा पाठ होने लगी. फिर ग्रामीण ने वहां से कुछ दूरी पर रिसई माता का मंदिर भी बनाये और जिस जगह देवी बैठकर रोई थी और उनके आंसू जहां गिरे थे, वहां आज भी पानी बहता है और आज तक उस जगह कभी पानी की कमी नहीं हुई। भीषण गर्मी में भी वहां से निकलने वाला पानी तालाब जैसा भरा रहा है, जहां जंगल गये ग्रामीण अपनी प्यास बुझाते हैं और आज भी उस जगह समय-समय पर ग्रामीण पूजा पाठ करते हैं।

ठीक ऐसा ही जिले के अंतिम छोर पर बसा रिसगांव जहां वनाचल वासियों की आस्था रिसाई माता के मंदिर से है और क्षेत्र वासी चैत्र नवरात्र के पर्व पर इस मंदिर मे आस्था के दीप जलाते हैं और उनकी मनोकामना पूरी होती है। ग्रामीणों का मानना है कि हर वर्ष यहां चैत्र नवरात्र के पर्व पर माता के मंदिर में आस्था के दीप जलाते हैं, जिससे इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की समस्याएं नहीं आती। मां इस क्षेत्र की हर समस्या प्रकोप को दूर करती है, यहां तक कि यह वनाचल में बसे होने के बावजूद भी यहां गांव में किसी भी हिसक प्राणी का भी कोई हमला नहीं होता। गांव शांति और अमन का प्रतीक है। हर वर्ष अष्टमी के दिन यहां हवन होता है और उसी दिन जिस श्रद्धालु की मनोकामना होती है वो यहां पूरा करती है और आज यह क्षेत्र में ग्रामीण हर प्रकोप से महफूज है, जिसके चलते आज दिन ब दिन आस्था के दीप भी बढ़ रहे, वहीं ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से भी मांग की है कि इस क्षेत्र में सड़क और पूल का निर्माण करे ताकि यह क्षेत्र आस्था के साथ विकास की ओर भी अग्रसर हो।

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