धमतरी @ विश्वनाथ गुप्ता। धमतरी में दारू की किल्लत क्या हुई… बेचने पिलाने वालों का मानो त्योहार ही हो गया.. पीने वाले बताते है कि.. सरकारी दुकांन में मदिरा नही मिल रहा है.. बार मे जाओ तो लगता है.. ऊंचे ब्रांड में गोआ मिला हुआ है… ऊपर से कुछ बार बाले तो रेट बढ़ा कर मुनाफाखोरी करने लगे है… क्या इस मिलावटखोरी और मुनाफाखोरी को रोकने के लिए आबकारी विभाग कुछ नही कर रहा है..?
साधु संतों के इस देश मे क्या हो रहा है… घोर कलजुग है।।।।
समझ तो ये भी नही आ रहा है कि… अगर सरकारी दुकानों में आम लोगो को शराब नही मिल रही है तो… बार वालो को कैसे डिलीवरी हो रही है..? कुछ ढाबों में कहा से ब्रांडेड शराब आ रही है.. ? क्या आबकारी विभाग इस खुले खेल से अनजान है..??
साधु संतों के इस देश मे क्या हो रहा है… घोर कलजुग है।।।
कुछ ज्ञानी बता रहे थे कि… जिसको साधु संतों का आशीर्वाद मिला है वो सुखी है… जिन्हें साधुओं ने श्राप दे दिया है वो दुखी है।
“वैधानिक चेतावनी”
“एकतः सर्वपापानि मद्यपानं तथैकतः।
एकतः सर्वदानानि ब्रह्मचर्यं तथैकतः॥”
अर्थात- *शराब का सेवन किसी पाप से कम नही



