धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में आयोजित सुशासन तिहार शिविरों के माध्यम से त्वरित समाधान के दावों पर अब सवाल उठने लगे हैं। कुरुद ब्लॉक के थुहा गांव के निवासी तोरण सिंह साहू द्वारा अवैध कटे साजा पेड़ों की कीमत का तकनीकी आकलन मांगने के बावजूद वन विभाग ने विषय पर जवाब देने के बजाय आवेदन को ही खारिज कर दिया। इससे ग्रामीणों में गहरी नाराजगी है।
आवेदक तोरण सिंह साहू ने 19 मई 2026 को ऑनलाइन आवेदन क्रमांक 26144679744679 के तहत 14–16 अलग-अलग ठूंठों की गोलाई (1.00 से 0.75 मीटर) के आधार पर कटे साजा पेड़ों की अनुमानित आर्थिक कीमत की प्रमाणित प्रति मांगी थी। लेकिन वन परिक्षेत्र अधिकारी धमतरी ने 26 मई 2026 को पत्र क्रमांक 48 जारी कर मूल विषय पर कोई टिप्पणी किए बिना आवेदन को सीधे निरस्त कर दिया।
विभाग का तर्क था कि संबंधित भूमि राजस्व क्षेत्र में आती है और इस मामले पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) न्यायालय कुरूद पहले ही निर्णय दे चुका है (मामला क्रमांक: 201812130500066/अ-62/2018-19, दिनांक 30.04.2026)। इस आदेश की छायाप्रति संलग्न कर वन विभाग ने मामले को “स्वतः समाप्त” मान लिया।








